गाजीपुर। राज्य-प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस प्रारंभिक) परीक्षा में गड़बड़ी न हो इसलिए खास व्यवस्था की जा रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा की तर्ज पर पहली बार इस परीक्षा में भी परीक्षार्थियों की आइरिस से पहचान की जाएगी। इसके अलावा थंब इंप्रेशन आदि तरीके से भी जांच होगी। कार्यदायी एजेंसियों (संस्था) से जांच के दौरान किसी प्रकार की चूक हुई और फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते हैं तो उनपर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 22 दिसंबर को 19 केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए केंद्र व्यवस्थापक की भी जिम्मेदारी तय की गई है। परीक्षा में 8352 अभ्यर्थी शामिल होंगे। डीएम आर्यका अखौरी ने बैठक कर निर्देश दिया है कि फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने पर केंद्र व्यवस्थापक के भी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस स्तर से तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की चेकिंग के लिए अलग से पुलिस होगी जबकि सेंटर पर कानून-व्यवस्था का पालन कराने के लिए अलग। इसके लिए 10-15 की संख्या में पुलिस कर्मी हर सेंटर पर तैनात होंगे।
ये है आइरिस -आइरिस स्कैनर एक बायोमेट्रिक डिवाइस है। ये किसी व्यक्ति की आंख को स्कैन करके उसके आइरिस में मौजूद अनोखे पैटर्न की पहचान करता है। ये स्कैनर पहचान सत्यापन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपयोगकर्ता की शारीरिक विशेषताओं (फ़िंगरप्रिंट, चेहरे का स्कैन, आवाज़ प्रमाणीकरण या आईरिस स्कैन) का उपयोग किया जाता है।
20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।
20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।
20जेएनडी19: डायलिसिस वार्ड के बाहर लगे एस्पायरी डेट के फायर सेफ्टी सिलिंडर की तारीख देखते हुए।