शहर के विश्वेसरगंज में एसपी सिटी और पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) कार्यालय के भवन का शिलान्यास करता
गाजीपुर। जनपद में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और जनसंवाद को एक नई दिशा देते हुए एसपी सिटी कार्यालय के नए भवन का शिलान्यास शुक्रवार को किया गया। इस मौके पर पुलिस और जनता के बीच की दूरी को पाटने की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब कार्यालय के शिलान्यास का पहला पत्थर किसी बड़े अधिकारी या राजनेता से नहीं, बल्कि एसपी सिटी कार्यालय के ठीक बगल में पिछले 30 वर्षों से पंचर की दुकान चलाने वाले स्थानीय नागरिक पप्पू से रखवाया गया। यह पहल डीआईजी वैभव कृष्ण ने की।
एएसपी सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने इस अनूठी पहल के पीछे की वजह साझा करते हुए बताया कि पुलिस की नौकरी मूल रूप से जनसेवा वाली है। इस दफ्तर का निर्माण जनसहयोग और शासन के समन्वय से हो रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह जनता का कार्यालय है, इसलिए इसकी शुरुआत भी जनता के ही किसी प्रतिनिधि यानी आम व्यक्ति से कराई जानी चाहिए थी। यही वजह रही कि मौके पर ही यह त्वरित निर्णय लिया गया कि कार्यालय के शिलान्यास की नींव एक आम और जरूरतमंद नागरिक के हाथों से ही रखी जाए, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी छोटी सी दुकान से जीविकोपार्जन कर रहा है।
शहर के केंद्र में होने से जनता को मिलेगी सुगमता
एएसपी सिटी ने बताया कि शहर के मध्य में स्थित होने के कारण इस नए कार्यालय से आम जनता को काफी सहूलियत होगी। पूर्व के अनुभवों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शहर के मुख्य केंद्र में पुलिस अधिकारियों के बैठने से न सिर्फ फरियाद लेकर आने वाले लोगों को आसानी होती है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति या बलवा जैसी घटनाओं के दौरान फोर्स तुरंत मौके पर पहुंच सकती है। इस कार्यालय के शुरू होने से आमजन सीधे तौर पर बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे और रात्रि कालीन व्यवस्था या आपातकालीन ड्यूटी संचालन में भी सुगमता बनी रहेगी।