गंगा किनारे बसे गांव के लोगों की मुसीबत कम नही हो रही है। रविवार को भी रफीपुर, शेरपुर तुलसीपुर, दीनापुर और बड़हरिया में कटान का क्रम जारी रहा। कटान कभी-कभी इतनी तेज हो जा रही है कि एक घंटे में ही 20 से 25 फीट तक की भूमि कटकर गंगा में समाहित हो जा रही है। भूमि के कटने से कटान पीड़ितों की बेचैनी बढ़ गई है।
दो दिनों में ही 150 फीट किनारे के भाग को काटते हुए गंगा गांव की ओर बढ़ रही है। कटान को लेकर बड़हरिया गांव के लोगों में इस कदर भय व्याप्त हो गया है कि वह घर छोड़कर पलायन की सोच रहे हैं। कटान पीड़ितों का कहना है कि एक तरफ जहां हम लोग गंगा कटान से परेशान है, वहीं शासन-प्रशासन के लोग कटान रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के सैदपुर आगमन के समय रमापति गौतम, रामअवतार यादव, रामअवतार प्रधान, रामायन यादव और मनोज के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर उनको ज्ञापन सौंपा था। शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष से भी मिलकर कटान के कहर से बचाव की गुहार लगाई थी। यही नहीं कुछ माह पहले लोहिया गांव का निरीक्षण करने आये प्रमुख सचिव से भी कटान पीड़ितों ने समस्या की जानकारी दी थी, लेकिन अभी तक कटान से बचाव के उपाय तो दूर कटान का निरीक्षण करने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा।
सरकार की इस उपेक्षा से लोगों में काफी रोष है। कई लोगों का यह कहना है कि अगर सरकार द्वारा कटान को रोकने का ठोस उपाय नहीं किया गया तो हम लोग आने वाले चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
इस पर प्रभावित गांवों के लोगों में आम राय बनाने का भी प्रयास चल रहा है।