धान का क्रय शुरू हुए सवा माह बीतने के बाद भी धान खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ी है। अब तक सिर्फ 11547.46 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है जबकि इस वर्ष जिले में दो लाख 31 हजार 200 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धीमी गति से धान की खरीद होने का कारण पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश की वजह से फसल की कटाई विलंब होना बताया जा रहा है। इसकी वजह से फसल में नमी अधिक है।
जिले में धान की खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 125 क्रय केंद्र खुले हैं। धान का समर्थन मूल्य सामान्य धान का 1940 रुपये प्रति क्विंटल और ए ग्रेड के धान की कीमत 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। पहली नवंबर से शुरू हुई खरीद 28 फरवरी तक चलेगी। करीब सवा महीने बीत गए लेकिन अभी तक 1606 किसानों से 11547.46 मीट्रिक टन की खरीद की जा सकी है।
जमानिया : क्षेत्र में धान की कटाई देर से हुई जिसकी वजह से अब किसान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। तहसील क्षेत्र में 27 क्रय केंद्र स्थापित हैं। लेखपाल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है जो किसानों को धान क्रय में आने वाली समस्याओं का समाधान निस्तारण करने के साथ उपजिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराएंगे। एएमओ शैलेश यादव ने बताया कि क्षेत्र में धान क्रय का लक्ष्य 55 लाख क्विंटल है लेकिन अबतक 16 हजार क्विंटल खरीद हुई है। सभी क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो गई है। बोरी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
मरदह : ब्लाक क्षेत्र के कबीरपुर गांव में क्रय केंद्र खोला गया है। किसानों ने पंजीकरण कराकर धान का तौल कराना शुरू कर दिया है। कहीं नमी तो कहीं किसानों की फसल खेत में होने के कारण खरीद में तेजी नहीं आई है। ब्लाक क्षेत्र में 30 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। मंगलवार तक 1500 सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है। क्रय केंद्र के प्रभारी प्रेमनारायण यादव ने बताया कि मानक के अनुसार धान की आवक होते ही खरीद में तेजी आने की उम्मीद है।
सुहवल : ब्लाक क्षेत्र के सुहवल गांव में राजकीय धान क्रय केंद्र सहित कुल पांच क्रय केंद्र हैं। 79 हजार क्विंटल धान की खरीद होनी है लेकिन अब तक 38 किसानों से 3125 क्विंटल धान की खरीद र्हुई है। नवली प्रथम में 18 हजार के सापेक्ष 450, नवली द्वितीय में 11 हजार के सापेक्ष 650, उतरौली 10 हजार क्विंटल के सापेक्ष 400 क्विंटल धान की खरीद हुई है। बेमुआ में 10 हजार लक्ष्य की तुलना में 325 क्विटल और सुहवल स्थित केंद्र पर 30 हजार क्विंटल के सापेक्ष दस किसानों से अब तक 1300 क्विंटल खरीद हुई है। सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर देवीशरण गौतम ने बताया कि धीरे-धीरे धान खरीद में तेजी आ रही है। किसान जो धान के नमूने ला रहे हैं उनमें मानक से अधिक नमी पाई जा रही है। अगले सप्ताह से खरीद की रफ्तार बढ़ेगी।
सोलह लाख बोरे उपलब्ध
गाजीपुर। जिले में धान की खरीद के लिए 125 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें मार्केटिंग के 51, एफसीआई का एक, पीसीएफ के 15, पीसीयू के 39, यूपीएसएस के 14 तथा मंडी समिति के पांच क्रय केंद्र हैं। खरीद के लिए 32 सौ गांठ अर्थात सोलह लाख बोरे उपलब्ध हैं। बीते वर्ष दो लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित था। उस दौरान विभिन्न संस्थाओं के 136 क्रय केंद्र खोले गए थे। पिछले वर्ष दो लाख 20 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई थी।
अब तक 24399 किसानों ने कराया पंजीकरण
गाजीपुर। धान बेचने के लिए जिले में अब तक 24 हजार 399 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें जमानिया तहसील क्षेत्र के सबसे ज्यादा एवं जखनिया के सबसे कम किसानों ने पंजीकरण कराया है। सदर में 3276, जखनिया तहसील के 2253, सैदपुर 2517, मुहम्मदाबाद 4243, जमानिया 5039, कासिमाबाद 2755 तथा सेवराई तहसील क्षेत्र के 4316 किसानों ने पंजीकरण कराया है।