गाजीपुर। ‘नितेश जी बोल रहे हैं, क्या समस्या है। सर आपातकक्ष में तैनात डाक्टर बता रहे हैं कि ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं है। कौन कह रहा कि सिलिंडर नहीं है, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है कोई कमी नहीं है। डाक्टर से बात कराएं। आपसे किसने कहा कि ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं है। एक-एक सिलिंडर गिन रहा हूं। कम से कम जिले को बदनाम तो न करें’। सोशल मीडिया पर इस वायरल ऑडियो को सुनकर आमजन में जहां काफी चर्चा है वहीं लोग जिलाधिकारी की तारीफ भी कर रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एवं मतगणना में व्यस्त जिले के डीएम आमजन के प्रति कितने संवेदनशील हैं, इसका जीता-जागता प्रमाण यह वायरल वीडियो है। जिसमें एक तीमारदार जो अपने मरीज को उपचार के लिए जिला अस्पताल के आपात कक्ष में लेकर आया था और ऑक्सीजन लेवल 89 था। करीब 15 से 20 मिनट बाद ऑक्सीजन सिलिंडर हटने के बाद वहां के डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से गुहार लगाता रहा, लेकिनउसकी बात अनसुनी कर दी गई। इस पर उसने जिलाधिकारी एमपी सिंह के पास इसकी शिकायत की तो स्वयं डीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर तीमारदार से बात करने के साथ आपातकालीन कक्ष में तैनात डाक्टर को नसीहत देते हुए मरीज को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रत्येक दिन मरीजों से बात कर उनकी समस्या का निस्तारण कराया जाता है। ऑक्सीजन सिलिंडर की कोई कमी नहीं है। अगर कोई ऐसा भ्रम फैलाता है तो ठीक नहीं है। सबको एकजुट होकर महामारी से सामना करने की आवश्यकता है।