दिलदारनगर-ताड़ीघाट-गाजीपुर रेल रूट पर ट्रेनों की संख्या और उनके फेरों में वृद्धि की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। दानापुर डिवीजन के अंतर्गत करीब 26 किमी लंबे इस रूट पर ट्रेनों के फेरों की संख्या और उनका विस्तार नहीं होने का मुख्य कारण लोग रेलवे अधिकारियों की उदासीनता को मान रहे हैं।
क्षेत्र के कलामुद्दीन, राजनारायण सिंह, दर्शन यादव, एमएच खान, आशुतोष मौर्या और विनोद गुप्ता ने बताया कि पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले इस 26.600 किमी लंबे रूट पर सुबह और शाम के समय मात्र दो पैसेंजर ट्रेनों का ही संचालन होता है, जो यात्रियों की संख्या के मुकाबले काफी कम है।
इसे देखते हुए रेल मंत्रालय की ओर से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। दो वर्ष बाद भी एक पैसेंजर ट्रेन दिलदारनगर से गाजीपुर होते हुए जौनपुर तक और दूसरी दिलदारनगर से ताड़ीघाट के बीच संचालित होती है।
इसके अलावा इस रूट पर किसी मेल या एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन नहीं होता है। इससे इलाके के करीब 15 से अधिक गांवों के लोगों को दूर की एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। इस कारण क्षेत्र के लोगों में रेल अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्याप्त है।