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पांच वर्ष में महज 547 पीएम आवास पूर्ण, 424 निर्माणाधीन

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रेवतीपुर ब्लाक में पांच वर्षो में महज 547 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा सके हैं। दूसरी तरफ 424 आवास अभी भी अधुरे हैं, जबकि आवास पूरा करने के लिए शासन से 31 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है। प्रश्न है कि यदि इसी धीमी गति से निर्माण कार्य होता रहा तो एक माह में अपूर्ण और निर्माणाधीन आवासों का निर्माण कार्य कैसे पूरा होगा। लाभार्थियों के खाते में आवास निर्माण की धनराशि भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी स्थिति ढ़क के तीन पात सरिखे है।
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के सिर पर छत उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 2021-22 तक रेवतीपुर ब्लाक के विभिन्न गांवों के 971 पात्रों को चिन्हित कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया था। विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो वित्तीय वर्ष 2016- 17 में 157, 2017-18 में 27, 2018-19 में 44, 2019-20 में 11, 2020-21 में 406 और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में 326 आवास का आवंटन किया गया है। इस तरह से अबतक कुल 971 आवास आवंटित किए गए है। लेकिन इसमें से 547 का ही निर्माण पूरा किय जा सका, जबकि 424 आवास अभी भी निर्माणाधीन हैं। शासन की तरफ से लाभार्थियों के खाते में पहली, दूसरी और तीसरी किस्त भी भेज दी गई है। देखा जाए तो योजना के तहत एक लाख 20 हजार रुपये में आवास का निर्माण कार्य पूर्ण करना है। विभाग ने पात्रों को पहली किस्त 40 हजार, दूसरी 70 और तीसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये के रूप में उपलब्ध कराया। ग्रामीणों ने बताया कि बहुत ऐसे प्रधानमंत्री आवास हैं, जिनकी सभी किस्तों का भुगतान हो गया या एक से दो किस्त का भुगतान हुआ है, लेकिन आवास का निर्माण अधिकारियों की उदासीनता के चलते लंबे समय से निर्माणाधीन है। इस योजना के तहत आवास निर्माण में हो रही अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को लेकर लाभार्थी ने कई बार शिकायत भी किया। लेकिन जांच के नाम पर महज कोरम पूरा कर अधिकारी अपने दायित्वों की इतिश्री कर ले रहे हैं, जिसका खामियाजा लाभार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास का निर्माण जल्द पूरा करा लिया जाएगा। किस्त जारी होने के बाद भी आवास निर्माणाधीन होने पर संबंधित लाभार्थियों एवं अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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