जमानिया। नगर में दुकान खोलने को लेकर एसडीएम और पुलिस के आदेश के बीच फंसे नगर के व्यापारियों की रविवार को एसडीएम संग बैठक हुई। इसमें एसडीएम ने कहा कि पूर्व में दुकान खोलने के लिए जारी किए गए आदेश का ही पालन कर व्यापारी अपनी दुकान आपसी सामंजस्य बनाकर खोलें। हालांकि व्यापारी आदेश को लेकर असमंजस में पड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि उपजिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने बीते नौ मई को आदेश जारी कर सशर्त श्रेणी एवं अवधि के अनुसार अलग-अलग समय मेंदुकानों को शुरू करने की अनुमति प्रदान किया था। इसके तहत दुकानें खुलने से पहले ही पुलिस ने 50 मीटर की दूरी पर एक दुकान खोलने की व्यापारियों को हिदायत दी। ऐसे में व्यापारियों ने अपनी दुकानों को नहीं खोला। रविवार को एसडीएम ने व्यापारियों संग बैठक कर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर नगर क्षेत्र में एक ही चीज की कई दुकानें आसपास हों तो व्यापारी आपसी सहमति से तय करें कि आज किसी एक कि दुकान खुले तो कल किसी दूसरे की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ख्याल रखा जाए और अन्य शर्तों का पालन किया जाए। बैठक के दौरान भाजपा नेता कमल निगम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के बीच समन्वय के अभाव की मार व्यापारी वर्ग झेल रहा है।
पुलिस-प्रशासन का रवैया सहयोगी न होकर उत्पीड़क जैसा हो गया है। नगर में सैकड़ों ऐसी एकल दुकानें हैं, जो रिहायशी आवास में ही हैं। उन दुकानों को भी नहीं खोलने दिया जा रहा है। छोटे दुकानदार बड़ी मुसीबत का सामना कर रहे हैं। कोई ऐसे दुकानदारों की सुधि लेने वाला नहीं है। नियम-कानून की आड़ में दुकानदारों को इतना डरा दिया जा रहा है कि कानूनी कार्रवाई के डर से अपनी दुकानों को बंद रखने में ही अपनी भलाई समझ रहा है। प्रशासन की मंशा है कि दबाव बनाकर लॉकडाउन की अवधि 17 मई तक दुकानों को खुलने न दिया जाए।
ऐसे में नगर क्षेत्र में दुकानों के खुलने के आसार नहीं दिख रहे। इस बारे में पूछे जाने पर तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि शर्तो के अनुसार ही दुकानें खुलेगी। व्यापार मंडल आपस में खुद तय कर ले। बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेश शर्मा, तहसीलदार आलोक कुमार, कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह, संतोष वर्मा, नारायण चौरसिया, जगदीश वर्मा, अभय शंकर सोनी, राजेश चौधरी आदि उपस्थित थे।