जमानिया। मुफलिसी और उस पर माता-पिता का साया भी सिर पर नहीं। दादी ने अपनी पेंशन से किसी तरह से परवरिश की। उनके प्रयास से ही ओम प्रजापति ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराया।
नगर पालिका क्षेत्र के कानूनगो मुहल्ले में मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे ओम प्रजापति ने अभाव में रहकर कक्षा बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। जब ओम सात वर्ष का था माता मीना देवी और 14 वर्ष की आयु में उसके पिता महेश प्रजापति का भी देहांत हो गया। माता और पिता के निधन के बाद उसे दादी फुलेशरी देवी ने सहारा दिया और उसकी परवरिश की। दादी को जो पेंशन मिलती उससे गुजारा होता। सीमित संसाधनों में ओम ने वर्ष 2018 में हाईस्कूल की परीक्षा 74.8 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण की। इस वर्ष उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा 53 प्रतिशत अंकों के साथ पास कर दादी का सपना पूरा किया। ओम का कहना है कि वह आगे चलकर सरकारी नौकरी प्राप्त कर दादी की सेवा करना चाहता है। उसकी तमन्ना है कि वह अपने दादी को अपनी कमाई से भारत के सभी तीर्थस्थलों का दर्शन कराए, इसके लिए वह कठिन परिश्रम कर रहा है। उनका मानना है किअगर इंसान अपना एक लक्ष्य तय कर ले और उसे हासिल करने के लिए ईमानदारी सेपूरी मेहनत करे तो कोई मुश्किल उसकी सफलता में बाधक नहीं बन सकती।