गाजीपुर। अब भूमि के आधार पर किसानों में खाद का वितरण होगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद किसान मनमाने तरीके से खाद नहीं ले पाएंगे। इसका उद्देश्य खेतों की मिट्टी के सेहत की चिंता है। किसानों के लिए उनकी भूमि के हिसाब से कोटा निर्धारित कर दिया गया है।
कृषि विभाग ने एनआईसी से एक नई व्यवस्था के तहत ई-पास मशीन में ऐसी व्यवस्था की गई है कि इसके तहत एक महीने की अवधि में किसानों द्वारा निर्धारित की गई उर्वरक खरीद सीमा से अधिक मात्रा में नहीं खरीद सकेंगे। अगर वह अन्य दुकान से खाद लेने का प्रयास करते हैं या किसी फुटकर उर्वरक विक्रेता के पास जाते हैं, तो किसान का आधार व अंगूठा मशीन में स्कैन होते ही मेसेज आ जाएगा कि संबंधित किसान की इस माह में उर्वरक खरीद करने की सीमा खत्म हो गई है। एक हेक्टेयर पर 4 बोरी यूरिया व 2 बोरी डीएपी वितरण का नियम लागू किया गया है। वहीं कृषि विभाग की ओर से उर्वरक दुकानदारों को ई-पास मशीन दी गई है। ई-पास मशीन के माध्यम से किसानों को बिक्री की गई खाद का रिकॉर्ड आसानी से रखा जा सकता है।