गाजीपुर। शहर व कस्बों में रोज निकलने वाला करीब 100 मीट्रिक टन कूड़ा अब नगर निकायों की आर्थिक सेहत सुधारने में अहम भूमिका अदा करेगा। इसके लिए शासन से निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत निकायों में टीम का गठन होगा, जो घरों से निकलने वाले कूड़ा कलेक्शन की निगरानी करेगी। कूड़ा निस्तारण केंद्र में घरों से निकलने वाले कूड़े से निष्प्रयोज्य प्लास्टिक अलग किया जाएगा। इस प्लास्टिक को सड़क बनाने वाली संस्थाओं को बेच कर राजस्व अर्जित किया जाएगा। टीम की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कचरा समय से प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचे। साथ ही उनका निस्तारण व विक्रय हो सके, ताकि संबंधित नगर निकायों का राजस्व बढ़ सके। जनपद में आठ नगर निकाय हैं। इन नगर निकायों में लगभग तीन लाख की आबादी रहती है। इनमें तीन नगर पालिका व पांच नगर पंचायत हैं। अकेले गाजीपुर नगर पालिका से प्रतिदिन 45 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा निकलता है। शासन के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने पत्र लिखकर सभी नगर निकाय के ईओ को निर्देश दिया है कि नगर निकायों में मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जाए। साथ ही सितंबर से 30 नवंबर तक डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व सेग्रीगेशन (कूड़ा पृथक्करण) अभियान चलाया जाए। इसके लिए ट्रेनिंग पार्टनर का चयन करते हुए कैपसिटी एक्शन प्लान तैयार किया जाए। प्रत्येक वार्ड व मोहल्ले में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाए। साथ ही लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाए। एसवीपीएस (स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति) व एनजीओ के माध्यम से सुबह 9 बजे से पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। इस पूरी कवायद का ईओ समय-समय पर निरीक्षण करते रहेंगे।
बेहतर प्रदर्शन की कवायद-इस पूरी कवायद का उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निकायों की रैंकिंग का बेहतर प्रदर्शन करना है। शासन स्तर से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व सेग्रीगेशन अभियान का रोज सुबह 6 से 9 बजे तक सत्यापन किया जाएगा।
शासन के निर्देशानुसार मॉनिटरिंग टीम का गठन कर डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व कूड़ा पृथक्करण की निगरानी की जाएगी। साथ ही ट्रेनिंग पार्टनर का चयन करते हुए कैपसिटी एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। ताकि कूड़े से निकलने वाले निष्प्रयोज्य प्लास्टिक से राजस्व अर्जित किया जा सकें।
- धीरेंद्र कुमार राय, ईओ नगर पालिका