मौधा। नगर पंचायत सैदपुर के आय-व्यय की समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वजह, जहां नगरीय क्षेत्र में पांच से दस हजार रुपये से कम किराए में दुकानें नहीं मिलती हैं। वहीं नगर पंचायत ने बेहद कम भाव पर 57 दुकानें लीज पर दे रखी हैं। जिनका किराया प्रति माह 450 से 500 तक है। हैरानी की बात यह है कि अधिकांश दुकानों का महीनों का किराया नगर पंचायत में अभी तक नहीं जमा हुआ है। सैदपुर नगर पंचायत के पास कुल 76 दुकानें हैं, जिनमें 19 खाली हैं, लेकिन 57 दुकानें नगर पंचायत ने लीज पर दे रखी हैं।
नगर पंचायत प्रशासन के आय-व्यय समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि नगर पंचायत को इससे काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जिन इलाकों में पांच से दस हजार रुपये के नीचे के किराए की दुकानें नहीं मिल सकती हैं। वहां इन दुकानों पर अभी पांच लाख 58 हजार तीन सौ किराया बकाया है। हालांकि नगर पंचायत प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है औरबकायेदारों को किराए की वसूली के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है।