रेवतीपुर के ठाकुरबाड़ी मंदिर में चोरी के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करते सीओ।
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रेवतीपुर। स्थानीय गांव में स्थित भगवान वेंकटेश मंदिर (ठाकुरबाड़ी) में बुधवार की रात चोरों ने धावा बोलकर मंदिर के मुख्य गेट का दरवाजा तोड़कर अंदर रखे तीन अष्टधातु की मूर्ति उठा ले गए। मूर्ति चोर कहां के थे? उनको इस स्थान और कीमती एवं अद्भुत मूर्तियों के बारे में किसने बताया ? घटना को अंजाम दे मूर्ति चोर गिरोह कहा गायब हो गया ? यह सारे सवाल ग्रामीणों के जेहन में गूंज रहे हैं। वारदात के बाद पुलिस ने भरोसा दिया है कि बहुत जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा लेकिन 36 घंटे बीतने के बाद भी अभी तक मूर्ति चोरों का कहीं सुराग तक नहीं मिला है। पुलिस फिलहाल अंधेरे में तीन चला रही है।
बीते गुरुवार की रात वेंकटेश मंदिर में रोज की तरह आरती भोग के बाद भोजन कर महंत दामोदर प्रपन्नाचार्य अपने कमरे में सोने चले गए। दूसरे दिन सुबह सोकर उठे तो मंदिर का ताला टूटा देख उनके होश उड़ गए। गर्भगृह से भगवान वेंकटेश, श्री देवी, भूदेवी की मूर्ति गायब थीं। तब उन्होंने इसकी सूचना अपने जानने वालों सहित पुलिस को दी। अष्टधातुु की मूर्तियों की चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर में ग्रामीणों की भी भीड़ इकट्ठी हो गई। पुलिस के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी जांच में जुट गई। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण एवं छानबीन की गई। इसके बाद, पुलिस ने शुक्रवार की रात कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश भी दी लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस मंदिर के पुजारी, गांव के सम्मानित लोगों से पूछताछ की। उनसे क्लू मिलने के बाद अब इलाके के कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है। सीओ जमानिया तथा एसओजी की टीम भी मंदिर परिसर में जांच के बाद महंत से भी पूछताछ की है। मंदिर के महंत ने बताया कि पूजा, आरती, भोग रोज की भांति ही लगा। इसके बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गए। गर्भगृह में दीवार से जड़ी भगवान वेंकटेश की मूर्ति है, साथ ही शालीग्राम भी हैं। चोरी तो केवल उत्सव वाली मूर्तियां हुई हैं, जो साल में केवल दशहरा एवं शरद पूर्णिमा को बाहर निकाली जाती थीं। अब पुलिस टीम चोरी की गई मूर्तियों की खोजबीन में जुट गई है। देखना है कि उक्त घटना का खुलासा कब तक होता है।