इधर, अपने पपिंग सेट के कमरे की दीवार को बनवा रहे मृतक के पुत्र विरेंद्र, सुरेंद्र, पोता निखिलेश, पोतियां मोनी, अंशु और सुमन आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके ऊपर भी हमला कर दिया। चीखपुकार सुनकर ग्रामीण भी घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े। पकड़े जाने के डर से आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की जानकारी ली।
कुछ देर बाद एसपी रामबदन सिंह, एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी, सैदपुर सीओ बलराम भी घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत करने के साथ छानबीन शुरू कर दी। मृतक के पुत्र वीरेंद्र यादव ने चार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि आरोपियों को दबोचने के लिए टीम गठित कर दी गई है। नामजद दो आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विरेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2016 से उनके पिता कथरू यादव और बड़े पिता पथरू यादव के बीच घर के नजदीक वाले डेढ़ बीघे खेत के बंटवारे का मुकदमा सैदपुर के एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। वे अपने घर के सामने पंपिंग सेट के कमरे की दीवार ऊंची करा रहे थे। विरोधियों को यह बात नागवार लगी और इस कारण वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतक कथरू यादव की पत्नी गुदना देवी लगभग तीन माह पूर्व अपने छोटे बेटे राजेंद्र यादव के साथ रहने हैदराबाद चली गई थी। पति की मौत की खबर सुनकर वह अपने बेटे के साथ चल दी है। मौके पर मृतक के दोनों पुत्रों विरेंद्र यादव और सुरेंद्र यादव और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।