शहर के सहकारी आमघाट कॉलोनी में साहित्य चेतना समाज की तरफ से आयोजित कवि गोष्ठी प्रस्तुुती देतीं
गाजीपुर। उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर शुक्रवार को आयोजित कवि गोष्ठी में कविता और गीतों के माध्यम से सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और प्रेमचंद के विचारों की गूंज सुनाई दी। सहकारी कॉलोनी, आमघाट स्थित संजीव त्रिपाठी के आवास पर साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में कवियों की प्रस्तुतियों ने देर तक श्रोताओं को बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। अध्यक्षता सुदृष्टि बाबा पीजी कॉलेज, रानीगंज (बलिया) के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह ने तथा संचालन डॉ. ऋचा राय ने किया।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज के वंचित वर्ग की आवाज है और उनकी रचनाएं मानवीय मूल्यों की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति हैं।
इसके बाद शुरू हुई कवि गोष्ठी में युवा कवि शशांक शेखर पांडेय ने टिम-टिम करते ये तारे, लगते हैं कितने प्यारे...सुनाकर तालियां बटोरीं। अमरनाथ तिवारी ने परहित में जो जीता प्रतिपल...के जरिये मानवता का संदेश दिया।
ओज कवि दिनेश चंद्र शर्मा ने आग नफरत की तुम तो लगाते रहे, हम इसको बुझाते रहे... सुनाकर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। वरिष्ठ गीतकार नागेश मिश्र ने युवाओं को सकारात्मक सोच का संदेश दिया, जबकि हंटर गाजीपुरी ने अपनी हास्य रचनाओं से माहौल को खुशनुमा बना दिया।
कन्हैया लाल विचारक और संजय पांडेय समेत अन्य कवियों ने भी काव्यपाठ किया। इस अवसर पर प्रभाकर त्रिपाठी, मनोज विश्वकर्मा, प्रेम प्रकाश त्रिवेदी, प्रवीण कुमार तिवारी, यश त्रिपाठी, चार्विक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। अंत में संजीव त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।