...तब भी दोषसिद्ध किया जा सकता है
मुख्तार अंसारी की ओर से बचाव में दलील दी गई कि गैंग चार्ट में अंकित मुकदमों में गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया गया है। इस पर अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य बनाम मुख्तार अंसारी मुकदमे में गवर्मेंट अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था कि गैंग चार्ट में अंकित मुकदमों में गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण अभियुक्त दोषमुक्त हो जाता है, तो उसके बाद भी उसे गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत दोषसिद्ध किया जा सकता है। दरअसल, कपिल देव सिंह की हत्या और मीर हसन के हत्या के प्रयास के मामले में मुख्तार अंसारी बरी हो चुका है। उसके गुर्गे भी बरी हो चुके हैं। अब गैंगस्टर एक्ट में दोष साबित हुआ और सजा मिली है। इसका फायदा मुख्तार उठाना चाहता था, इसीलिए दलील भी दी, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सजा सुना दी।
ऐसे चला मामला
- वर्ष 2009 में करंडा थाना क्षेत्र के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह मुहम्मदाबाद के मीर हसन की हत्या का प्रयास किया गया था।
- वर्ष 2010 में मुख्तार अंसारी और सोनू यादव के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत करंडा थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था।
- सात अक्तूबर 2023 को मुख्तार अंसारी का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये और सोनू यादव का बयान दर्ज हुआ था।
- 11 अक्तूबर को बहस होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।
- 17 अक्तूबर को अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता लियाकत अली और स्वयं मुख्तार अंसारी, जबकि सोनू यादव के अधिवक्ता राजकुमार जायसवाल ने अपना- अपना तर्क प्रस्तुत किया। बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसले की तिथि तय कर दी।
- 26 अक्तूबर को न्यायालय ने मुख्तार अंसारी और सोनू यादव को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी करार दिया। साथ ही सजा की बिंदु पर सुनवाई और सजा निर्धारण के लिए 27 अक्तूबर की तिथि नियत कर दी।
- 26 अक्तूबर को अपराह्न 3.15 बजे अदालत ने मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई गई।
अदालत ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) को निर्देशित किया कि वह पुलिस अधीक्षक की तरफ से नियुक्त विशेष वाहक से अभियुक्त मुख्तार अंसारी का सजायावी वारंट अविलंब भिजवा दें।