गाजीपुर। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर महाराजगंज से मटेहूं तक 40 किमी में 20 से ज्यादा अवैध कट हैं, जिनसे दो पहिया वाहन सवार एक लेन से दूसरी लेन में आते-जाते हैं।
इधर, जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट के उद्देश्य से हाईवे के आसपास के क्षेत्रों में पांच क्रिटिकल कॉरिडोर और 22 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन चिह्नित किए गए हैं। पांच थानों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम भी गठित की गई है। इसके बावजूद अवैध कट लोग फिर से तोड़ देते हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस ने सिधौना से महाराजगंज तक अवैध कट बंद करा दिए हैं, लेकिन महाराजगंज से मटेहूं तक 20 से ज्यादा अवैध कट हादसों का सबब बन रहे हैं। मरदह निवासी राधेश्याम यादव ने बताया कि मरदह इलाके में ही 12 से अधिक अवैध कट हैं। स्थिति यह है कि गांव के लोग बार- बार डिवाईडर को तोड़ दे रहे हैं। यहीं नहीं एक लेने से दूसरे लेन में जाने का प्रयाेग उनके द्वारा अवैध कट के जरिए किया जा रहा है।
अजय खरवार ने बताया कि मरदह क्षेत्र में महेगवां गांव के सामने अवैध कट बना हुआ। प्रतिदिन गांव के लोग अवैध कट से लेने पार कर आते-जाते हैं। पलहीपुर गांव के पास भी यहीं स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में हादसे की खतरा मंडरा ता रहता है। वहीं, कुछहरा और बरह चट्टी की भी यही स्थिति है।
शिव बालक यादव ने बताया अवैध का तो फोरलेन पर भरमार है। इसमें मटेंहू, हैदरगंज, करदह कैथवली, नवपुरा, कंसहरी, करदौनी, पलहीपुर, कछुहरा मलिकनाथपुर, बरही, नसरतपुर, सियारामपुर, भड़सर सहित अन्य जगहों पर अवैध कट प्रतिदिन लोग आवागमन कर रहे हैं।
ऐसे में जीरो फेटालिटी डिस्ट्रिक्ट का उद्देश्य अवैध कट के चलते सफल होता नहीं दिखाई पड़ रहा है। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से इस अभियान के सहारे मृत्यु दर को शून्य करने के प्रयास में जुटी हुई है।
पलहीपुर गांव के सामने अवैध कट से जाता बाइक सवार। संवाद