जिला योजना की आगामी बैठक के लिए सरकारी विभागों की ओर से जिला पंचायत के सदस्यों से प्रस्ताव न मांगे जाने पर नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने शनिवार को हुई बैठक में जमकर हंगामा किया।
इससे करीब 45 मिनट तक बैठक स्थगित रही। बैठक जब शुरू हुई तो सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब सदस्यों से प्रस्ताव लिए ही नहीं गए है तो यह बैठक किस बात की है।
जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई जिला योजना सरंचना वर्ष 2015-16 की बैठक में सदस्य ब्रजभूषण दुबे ने कहा कि जिला योजना समिति 1999 के विधिक प्रावधानों के तहत प्रत्येक विभाग अपना परिव्यय, पूर्व में विभाग की ओर से चलाए गए कार्यक्रमों से सदस्यों को लिखित रूप में अवगत कराएगा, जो नहीं किया गया।
प्रभारी जिलाधिकारी मुरलीधर मिश्र ने सदन से आग्रह कर अधिकारियों से पूछा कि वह सदस्यों से प्रस्ताव मांगने एवं पूर्व में किए गए कार्यों का अभिलेख प्राप्त कराएं, जिस पर विभागीय अधिकारी तैयार हो गए। डेढ़ से ढाई बजे तक स्थगित बैठक जब पुन: शुरू हुई तो सदस्यों ने क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया।
बैठक में सदस्यों ने प्राथमिक, उच्च एवं सामुदायिक स्वास्थ केंद्रों का निर्माण लंबे समय से लटके रहने पर आवाज उठाई। बैठक में सदस्य अशोक वर्मा, फूलचंद यादव और सईद अहमद ने जंगली सुअरों के आतंक की बात कही तो प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि जांच की जा रही है।
सड़क एवं पुल के सवाल पर ताड़ीघाट-बारा मार्ग के अधिशासी अभियंता ने कहा कि धन की मांग की गई है। प्रादेशिक विकास दल के मुद्दे पर सदस्यों ने पीआरड़ी जवानों को लगातार ड्यूटी देने की मांग की। अध्यक्षता पंचायत अध्यक्ष पंतरत्न देवी और विधान परिषद सदस्य विजय यादव ने आभार व्यक्त किया।