शहर के सहकारी कॉलोनी स्थित कूड़ेदान में फेंका मेडिकल कचरा। संवाद
गाजीपुर। जिले का दूर- दराज इलाका तो दूर शहर के प्रमुख मोहल्ले के कूड़ेदान में मेडिकल कचरा फेंका जा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। सुबह व शाम निजी अस्पतालों से सिरिंज, खून के टेस्ट ट्यूब, रूई और ग्लब्स तक शामिल है। यहीं नहीं कई ऐसे ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं, जिसकी स्थिति जस की तस बनी है, बावजूद जिम्मेदारों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।
नगर के सहकारी कॉलोनी गांधीपार्क आमघाट में सड़क के किनारे कूड़ादान बना हुआ है। यहां करीब एक वर्ष से सुबह व शाम मेडिकल कचरा विभिन्न निजी अस्पतालों से फेंका जाता है।
स्थिति यह है कि कूड़ा उठान होने के बाद भी निडिल, सिरिंज, खून जांच का टेस्ट ट्यूब प्रतिदिन पड़ा रहता है। सबसे अधिक खतरा तो कूड़ा उठान करने वाले सफाई कर्मियों पर मंडाराते रहता है, बावजूद जिम्मेदारों द्वारा ऐसे निजी अस्पतालों पर कार्रवाई तो दूर चिह्नित करने की कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि अक्सर ही पशुओं का झु़ंड कूड़ेदान में रहता है, जिससे उनके ऊपर भी विभिन्न बीमारियों का खतरा मंडराते रहता है। वहीं, दिलदारनगर क्षेत्र में भी नहर किनारे कई निजी अस्पताल हैं।
कस्बा निवासी संदीप कुमार, दीपक कुमार गुप्ता, अरविंद यादव ने बताया कि इन निजी अस्पतालों द्वारा अक्सर ही नहर में मेडिकल कचरा फेंक दिया जाता है। हालांकि नहर में पानी होने के कारण बह गया है, लेकिन यह कचरा जहां भी बहकर जाता है, वहां के लोगों को प्रभावित तो करेगा। ऐसे में जिम्मेदारों को जांच कराकर इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे निजी अस्पतालों द्वारा निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर ठोस कदम उठाया जाए।