चित्रकूट जेल से फरवरी 2023 में प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कासगंज जेल भेज दिया गया। इस दौरान अब्बास पर कई अन्य मामले भी दर्ज हुए थे। इधर, उनके अंतरिम जमानत की खबर मिलने पर मुहम्मदाबाद स्थित उनके पैतृक घर में खुशी का माहौल है। समर्थकों और परिजनों को उम्मीद है कि अब्बास अंसारी अपने पिता, मरहूम मुख्तार अंसारी की पहली बरसी पर 28 मार्च को कालीबाग कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ने जरूर आएंगे।
इसके साथ ही, 30-31 मार्च को पड़ने वाली ईद भी वह यहीं मना सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों के तहत उन्हें लखनऊ स्थित विधायक निवास पर रहने का आदेश दिया है।
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मऊ या गाजीपुर जाने के लिए उन्हें अदालत से अनुमति लेनी होगी और स्थानीय पुलिस को भी सूचित करना होगा। अब यह देखना होगा कि क्या अब्बास अंसारी अपने पिता की कब्र पर दुआ के लिए पहुंच पाते हैं या नहीं और इस बार उनकी ईद कहां मनती है।