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जिले में मास्क और सेनेटाइजर की डिमांड बढ़ी, ग्राहक निराश

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गाजीपुर। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मास्क और सेनेटाइजर की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि जनपद में मांग के अनुपात में आपूर्ति बहुत कम होने से लोग भटक रहे हैं। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की ज्यादातर दुकानों पर यह नहीं मिल रहा है। एक हफ्ते पहले तक मास्क 15 से 20 रुपये में आसानी से मिल जा रहे थे। लेकिन वर्तमान समय में थोक विक्रेता भी देने से हाथ खड़े कर ले रहे हैं। ऐसे में यह खोजे नहीं मिल रहा है। लोग 50 से लेकर 100 रुपये मास्क का दे रहे हैं। बावजूद लोगों को मास्क उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पिछले तीन दिन से मेडिकल आदि की दुकान पर मास्क और सेनेटाइजर की कमी बनी हुई है।
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जिला प्रशासन की माने तो शहर करीब 160 दवा की दुकानें संचालित होती है। जिसमें थोक और फुटकर विक्रेता दोनों शामिल हैं। दवा की मुख्य दुकानें गोराबाजार, न्यू मार्केट, पुराना अस्पताल तथा सनबाजार समेत अन्य स्थानों पर संचालित होती हैं। इन दुकानों पर शायद ही कहीं सेनेटाइजर और मास्क आसानी से मिल रहा हो। थोक दुकानदारों के पास मास्क और सेनेटाइजर आते ही तत्काल खत्म हो जा रहा है। इससे आम आदमी परेशान हैं। ग्रामीण इलाके में मुहम्मदाबाद तहसील मुख्यालय, नंदगंज, दिलदारनगर, जमानिया, सैदपुर, जंगीपुर, जखनियां आदि में दवा की सैकड़ों दुकानें चलती हैं। ग्रामीण इलाके में ज्यादातर दुकानों पर सेनेटाइजर और मास्क में कालाबाजारी की जा रही है। 10 से 15 रुपये का मास्क 50 से 100 रुपये तक में बिक रहा है। जबकि सेनेटाइजर में भी अधिक दाम लेकर लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। कई जगह किराने की दुकानों पर इसकी कालाबाजारी शुरू है।
देखा जाए तो इन दिनों कोरोना वायरस का दहशत चहुओर कायम है। यह सभी को हीलाकर रख दिया है। जनपद में भी संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में एक-एक कर मौतें भी हो रही हैं। इसे लेकर सरकार भी लोगों से तरह- तरह की अपील कर रही है। इसमें सेनेटाइजर से दिन भर में कम से कम पांच- छह बार हाथ धोने तथा मास्क लगाने की बात प्रमुखता से की जा रही है। सेनेटाइजर का काम रोग के वायरस को खत्म कर देना है। मास्क लगाने से शरीर के भीतर वायरस के प्रवेश की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। इसे लेकर जिले भर में मास्क और सैनिटाइजर की मांग इतनी बढ़ गई कि एकाएक यह बाजार से गायब हो गया है। विभिन्न कंपनियों के सेनिटाइजर जो 50 रुपये से लेकर 200रुपये तक मिलते है, वह 100 से 400 रुपये तक में बिकने लगा है। यह स्थिति ग्रामीण इलाके की है। उच्च क्वालिटी के मास्क की कीमत मुंहमांगी हो गई है। मजबूरी में लोगों को इसकी खरीद करना पड़ रहा है।
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डिमांड के हिसाब से नहीं हो रही आपूर्ति: नागमणि मिश्र
गाजीपुर। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नागमणि मिश्र ने बताया कि जनपद में मास्क और सेनेटाइजर की कमी नहीं है। मेडिकल की दुुकानों पर उचित मूल्य और दर्ज एमआरपी पर ग्राहकों को दिया जा रहा है। इतना जरूर है कि लोगों की मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से इसके आने के कुछ ही देर में बाद बाजार ठसे यह गायब हो जा रहा है। ऐसे में सभी ग्राहकों तक इसे पहुंचा पाना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी की शिकायत मेडिकल की दुकान से नहीं, बल्कि कुछ किराने की दुकानों से मिली है।
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