फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाराज शहीद के परिजनों ने शव उठने से रोका

विज्ञापन
विज्ञापन
कासिमाबाद। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद परिवार को ट्वीट कर सुबह में केवल श्रद्धांजलि दी गई थी। वहीं इस घटना में एक दूसरे शहीद को मुख्यमंत्री द्वारा सहायता की जानकारी ट्वीट कर दी गई थी। दोनों ट्वीट देखकर परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। श्रद्धांजलि के बाद जैसे ही सीआरपीएफ के जवानों ने शव को पुन: अंतिम संस्कार को ले जाने के लिए उठाने लगे, शहीद के छोटे दोनोंभाई अंजनी यादव और मुलायम सिंह उर्फ अमन यादव सहित परिवार के कई लोग शव उठाने से रोकने लगे। परिजनों ने एक मांग पत्र ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अच्छेलाल कुशवाहा के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा। इसे जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए प्रदेश शासन को अवगत कराया। इसके बाद तत्काल प्रदेश सरकार ने शहीद अश्विनी कुमार यादव के परिवार को 50, 00000 की सहायता। इसमें 500000 बूढ़ी मां मुन्नी देवी को और शेष धनराशि शहीद की पत्नी अंशु देवी को देने का एलान किया। इसी प्रकार शहीद के नाम पर गांव में आने वाले मार्ग का नामकरण करने के साथ ही शहीद परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया और श्रद्धांजलि देकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक चले गए। इसके बाद परिवार के लोग शव उठाने को राजी हुए और शव यात्रा श्मशान घाट के लिए दरवाजे से रवाना हुई।
विज्ञापन

शवयात्रा को मोबाइल में कैद करने में लगे रहे लोग
गाजीपुर। जिन लोगों के पास कैमरायुक्त मोबाइल था, वह शहीद जवान अश्वनी कुमार यादव के शव यात्रा का फोटो खींचने के साथ ही वीडियो बनाने में जुटे रहे। इस कार्य में युवकों के साथ ही बड़े-बुर्जुग भी शामिल रहे। तमाम लोग गर्व के बीच शहीद की शवयात्रा के साथ सेल्फी भी लेते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें