शहर कोतवाली के नखास तिराहा स्थित निर्माणाधीन मैनहोल में सफाई के लिए उतरे ठेकेदार के भाई प्रहलाद और सहयोगी मोहम्मद असीम फेफड़े में पानी भरने से सांस नहीं ले पाए। इससे दोनों की माैत हो गई। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। बुधवार की देर शाम दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से दोनों की मौत की पुष्टि की गई है।
ठेकेदार भाई विजय के छुट्टी पर जाने पर प्रहलाद ही कार्य देख रहे थे। इधर नखास तिराहा स्थित मैनहोल का ढक्कन हटाकर प्रहलाद देखने के बाद अचानक सफाई के लिए उतर गया। मैनहोल में पानी भरा हुआ था। उतरते समय उसका पांव फिसल गया, जिससे वह गहरे मैनहोल के पानी में डूब गया। बचाने की आवाज सुनकर मोहम्मद असीम भी बचाने के लिए मैनहोल में उतरा और वह भी डूब गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रस्से के सहारे दोनों के शव को बाहर निकाला था। दोनों के मुंह व नाक से जहां झाग आ रहा था। वहीं ऑक्सीजन न मिल पाने की स्थिति में दोनों के गले की नस मोटी हो गई थी। हादसे में दोनों की मौत कैसे हुई, इसको लेकर लोगों में तरह- तरह की चर्चा बनी हुई थी। प्रहलाद का शव मिलते ही बड़े भाई विजय बलरामपुर जनपद के ललिया थाने के भक्ता गांव के लिए रात में रवाना हो गए। मोहम्मद असीम का शव पुलिस ने उसके बड़े भाई अजीम को सौंप दिया। शव घर पहुंचते ही परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में मातम छा गया। देर रात परिजनों ने असीम के शव को कब्रिस्तान में सुपुर्दे- ए- खाक कर दिया। कोतवाल दीनदयाल पांडेय ने बताया कि मैनहोल में सफाई के लिए उतरे प्रहलाद और बचाने गए असीम की मौत डूबने से हुई है। यह बात पोस्टमार्टम रिपार्ट में स्पष्ट हुई है। शवों को देर रात परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।