तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों को नई तहसील कासिमाबाद में शामिल करने के विरोध में मंगलवार को तहसील बचाओ, गांव बचाओ आंदोलन के बैनर तले पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने पदयात्रा की। इस दौरान मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया गया।
साथ ही 30 जून को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई।
ग्रामीणों ने इंद्रपुर, कटरियरा, मुबारकपुर, नसीरपुर और परानपुर गांव में पदयात्रा कर जनसंपर्क अभियान की शुरूआत की। मानव शृंखला बनाकर इन गांवों को मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में ही रहने देने का संकल्प लिया। तहसील बचाओ गांव बचाओ नारे के साथ पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव के नेतृत्व में ग्रामीण मुबारकपुर, कटरियां, इंद्रपुर, नसीरपुर होते हुए पदयात्रा करते हुए परानपुर पहुंचे।
जत्था के साथ हर गांव में सैकड़ों ग्रामवासी शामिल होते रहे। परानपुर पहुंचकर पदयात्री बाराचंवर मुख्य मार्ग पर नसीरपुर बैंक से रजेला मोड़ तक मानव शृंखला बनाकर मुहम्मदाबाद के समीपवर्ती 16 गांवों को नई तहसील कासिमाबाद में शामिल करने का विरोध किया। परानपुर में जनसंपर्क अभियान पदयात्रा सभा के रूप में परिवर्तित हो गई।
सभा में पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं तहसील बचाओ गांव बचाओ की संयोजक चंदा यादव ने कहा कि मुहम्मदाबाद तहसील के सीमापवर्ती ग्रामों को नई कासिमाबाद तहसील में शामिल करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नई तहसील का हमारा विरोध नहीं है लेकिन मुहम्मदाबाद तहसील से सटे जिन गांवों की दूरी 9 किलो मीटर है उन्हें 36 से 40 किलो मीटर दूर कासिमाबाद भेजने का कोई औचित्य नहीं है।
नई तहसील में इन गांवों के शामिल हो जाने से सबसे अधिक परेशानी का सामना महिलाओं, युवाओं एवं छात्रों को करनी पड़ेगी। उन्होंने समीपवर्ती 16 गांवों को तहसील में रहने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। सहसंयोजक रामऔतार राम ने कहा कि मुहम्मदाबाद के समीपवर्ती ग्रामों के लोगों को कासिमाबाद आवागमन में अनेक प्रकार कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। परानपुर गांव के प्रधान रामजी प्रधान ने गांव के लोगों को 30 जून को होने वाले धरना-प्रदर्शन में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की। इस मौके पर संजय यादव, रामाश्रय राजभर, अनिल राजभर, रवींद्र, इंद्रजीत, दयाशंकर राजभर, अजय राजभर, बब्लू राजभर, दयाशंकर, राजदेव, विक्रमा, मुन्ना राम आदि रहे।