अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने बुधवार को करंडा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित अखिलेश कुमार दुबे हत्याकांड के मामले में विशाल यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने आरोपी को पांच लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि से 4 लाख रुपये मृतक की माता को देने का आदेश हुआ है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार करंडा के अमरनाथ दुबे ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि 15 जनवरी 2008 की शाम छह बजे उनका पुत्र अखिलेश कुमार दुबे घर से शौच के लिए मशीन पर गया था। इसके बाद वापस नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिला। दूसरे दिन सुबह गांव के ही खेत में उसका शव मिला। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस विवेचना के दौरान बट्टन उर्फ रणविजय सिंह का नाम प्रकाश में आया। आरोपी विशाल यादव और बट्टन उर्फ रणविजय सिंह के विरुद्ध पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने कुल छह गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने बट्टन उर्फ रणविजय सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। विशाल यादव को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।