गाजीपुर। जिले के 12 पीएमश्री विद्याल कौशल केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। विद्यालयों में लर्निंग बाई डूइंग लैब की स्थापना की जाएगी।
बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ टेलीस्कोप, एलईडी टाॅर्च आदि बनाना सीखेंगे। इसके लिए 43 हजार 250 रुपये प्रति विद्यालय की दर से जिले को 5 लाख 19 हजार की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। निर्धारित पैसा संबंधित स्कूलों की प्रबंध समिति के खाते में भेजा जा रहा है।
जिले में 2269 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 2 लाख 45 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। दो चरणों में 32 पीएम श्री विद्यालयों का चयन किया गया है। इसमें से चयनित 12 पीएमश्री कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के तहत अब इन विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों से युक्त लैब स्थापित की जाएगी।
इस लैब में छात्र-छात्राएं टेलीस्कोप, एलईडी टाॅर्च आदि बनाना सीखेंगे। योजना के तहत 12 विद्यालयों में एलबीडी प्रयोगशाला के लिए 14480 तथा लैब टूल के लिए 28770 सहित कुल 43 हजार 250 रुपये प्रति विद्यालय की दर से जिले को 5 लाख 19 हजार की धनराशि मिली है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि 12 पीएमश्री विद्यालयों में लर्निंग बाई डूइंग लैब की स्थापना की जाएगी। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में निर्धारित धनराशि भेजी जा रही है।