फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्तिक पूर्णिमा: मंगल कामना के साथ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कार्तिक पूर्णिमा शुक्रवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस मौके पर मंगल कामना के साथ करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। घाटों पर मेेले जैसा माहौल रहा।
विज्ञापन


कार्तिक मास की पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करने से विशेष फल मिलता है। इस दिन स्नान-ध्यान एवं दान का विशेष महत्व होता है। पुराणों के अनुसार जो श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुभ मुर्हुत में नदी में स्नान एवं तुलसी को दीप जलाते हैं, उनके सारे दुख दूर होते हुए मंगल कामना की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा पर स्नान के लिए भोर से श्रद्धालुओं के गंगा घाटों पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के ददरीघाट, कलक्टरघाट, चीतनाथ घाट, सिकंदरपुर घाट, नवापुरा, स्टीमरघाट, अंजही घाट के साथ ही मुहम्मदाबाद, जमानिया, सैदपुर, करंडा स्थित गंगा घाटों से लेकर गांव-देहात के पोखरों-सरोवरों पर लोगों ने स्नान कर सूर्य को जल दिया। इसके बाद आसपास के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर दान किया। स्नान के इस विशेष पर्व के चलते घाटों पर साफ-सफाई की माकूल व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा सुरक्षा की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से की गई थी। स्नान-दान का सिलसिला सुबह से दोपहर तक चलता रहा।
भांवरकोल: शेरपुर, सेमरा, वीरपुर, लोहारपुर एवं पलिया स्थित गंगा घाटों पर भोर से ही स्नानार्थियों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती एवं पूजन कर परिवार के कल्याण की कामना की। क्षेत्र के कुन्डेसर गांव में अति प्राचीन दो दिवसीय ददरी मेले का शुभारंभ हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी, चौकी इंचार्ज मच्छटी ओमवीर सिंह दल-बल संग चक़मण करते रहे। इसी तरह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मुहम्मदाबाद, जमानिया, औड़िहार, भीमापार, सिधागरघाट, सादात, कासिमाबाद, नंदगंज, मरदह आदि क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने स्नान-दान कर पूजन-अर्चन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें