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जनता कर्फ्यू के आह्वान पर कोरोना से मिलकर लड़ने की जंग में लोग सुबह से रात तक रहे घरों में

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जनता कर्फ्यू में सूना पड़ा सुहवल जाने वाला हमीद सेतु। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री की ओर से किए गए जनता कर्फ्यू की अपील को जिलेवासियों ने भरपूर समर्थन दिया। दिन भर लोग घरों में ही रहे और जरूरी काम से भी बाहर नहीं निकले। शहर, कसबा सहित गांवों की चट्टियां भी वीरान रहीं। बाजार पूरी तरह से बंद रहे। ठेले, खोमचे की भी दुकानें नहीं खुलीं। बस, जीप आदि सभी वाहन बंद कर दिया गया था, जिससे स्टैंडों पर सन्नाटा पसरा रहा। आपातकालीन सेवाओं को छूट दिए जाने के बाद भी दवा आदि की छिटपुट दुकानें ही खुली रहीं। प्रशासनिक और पुलिस भी जगह-जगह भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेती रही।
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वैश्विक महामारी घोषित कोरोना वायरस से बचाव और सावधानी को लेकर प्रधानमंत्री ने रविवार को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता से घरों में ही रहने का आह्वान किया था। इस अपील का लोगों ने पूरी तरह से पालन किया। शहर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों में ही रहे तथा टीवी आदि पर व्यस्त रहकर जानकारी लेते रहे। हमेशा चहल-पहल वाली जगहों मिश्रबाजार, रौजा, लंका और मैनपुर बस स्टैंड, गाजीपुर सिटी स्टेशन, महुआबाग, विकास भवन चौराहे पर देर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान पुलिस भी चक्रमण कर लोगों से घरों में ही बने रहने की अपील करती रही। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, जनता कर्फ्यू का लोगों ने भरपूर समर्थन किया। लोग पूरी तरह घरों में ही बने रहे। सुबह सात बजे से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की हूटर बजाती गाड़ियां सड़कों पर दौड़नी शुरू हो गई। माइक से लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की जाती रही। यूसुफपुर रेलवे स्टेशन, यूसुफपुर बाजार, हाटा रोड, सलेमपुर रोड, सदर रोड, शाहनिंदा, नवापुरा आदि क्षेत्रों में सड़कें वीरान नजर आई। कई चौराहों, तिराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। कुछ लोगों से पूछताछ कर आवश्यक कार्य न होने के कारण उन्हें घरों में भेजते रहे। नगर के जामा मस्जिद क्षेत्र में भी सुबह 6-45 पर पहुंचकर पुलिस ने चट्टी की दुकानों को बंद कराकर चट्टी पर बैठे लोगों को घरों में भेजा। दिन भर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता, क्षेत्राधिकारी विनय गौतम, तहसीलदार शिवधर चौरसिया, कोतवाल अशेषनाथ सिंह एवं शाहनिंदा चौकी प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह भी दिन भर क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। दुबिहा संवाददाता के अनुसार, घरों से कोई निकल नहीं रहा था। ऐसा लग रहा था कि रविवार की सुबह ही रात में तब्दील हो गया हो। ग्रामीण इलाकों की भी यही हालत रही। बाजारें और चट्टी-चौराहों की दुकानें बंद रहीं। दुबिहा बाजार, मोड़, करीमुद्दीनपुर बाजार, ताजपुर बाजार, लट्ठुडीह बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। कभी कभी पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती गुजर रही थीं। औड़िहार संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में जनता कर्फ्यू को खूब समर्थन मिला। पहली बार प्रबुद्धजनों से लगा जन साधारण तक चट्टी, चौराहों, गांवों के लोग घरों में ही रहे। सरकारी महकमा भी इस अवसर पर चौकन्ना रहा। सैदपुर, औड़िहार, रावल, भितरी मोड़, भीमापार, उचौरी, सांईं तकिया, बहेरी सहित तहसील क्षेत्र के सभी प्रमुख बाजारों में पूरी तरह बंदी बनी रही। औड़िहार जंक्शन, सैदपुर, सादात, माहपुर, तरांव आदि स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा रहा। दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार, रेलवे स्टेशन सहित क्षेत्र के बाजार आदि बंद रहे। सिधागरघाट क्षेत्र में भी महड़ौर, पाली, सुरवत, मुहम्मदपुर कुसुम सहित अन्य चट्टी-चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। गांवों की गलियां भी सुनसान पड़ी रही। बुजुर्गों का मानना है कि गांव स्तर पर ऐसा कर्फ्यू पहली बार दिखाई दिया। जमानिया संवाददाता के अनुसार, सुबह सबेरे टहलने दौड़ने वाले लोग मैदान और सड़कों के किनारे नहीं दिखाई दिए। क्षेत्र में पूरी दुकानें सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन नहीं दिखा। ग्रामीण क्षेत्र की सभी सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। सादात संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में जनता कर्फ्यू पूरी तरह से सफल रहा। इस दौरान घरों में बैठे लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से उबरने के लिए देवी-देवताओं और ईश्वर की प्रार्थना में लीन देखे गए। महत्वपूर्ण चट्टी और चौराहे पर पुलिस चक्रमण करती रही। थानाध्यक्ष रवींद्र भूषण मौर्य के नेतृत्व में 112 की गाड़ियां भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच कर मरीजों का हालचाल लेती रही। सादात बाजार, मजुई चट्टी, हुरमुजपुर चट्टी, मखदूमपुर बाजार, भीमापार बाजार, बौरवा, कनेरी कटया चट्टी, पहाड़पुर, खुटही, टांड़ा चट्टी, मौधिया बाजार, सौरी, धुवार्जुन चट्टी पर सभी दुकानें बंद थी। बहादुरगंज संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में पुलिस चारों तरफ चक्रमण करती नजर आई। पूरे क्षेत्र में सभी दुकानें बंद थीं। सड़कें सूनी पड़ी रहीं। इसी प्रकार की स्थिति कासिमाबाद, जखनिया, सेवराई सहित जिले भर में बनी रही।
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