गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल में सादी पर्ची के चल रहे काले कारनामे के खेल को प्राचार्य ने गंभीरता से लिया है। इमरजेंसी प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया है। साथ ही रिपोर्ट के आधार कार्रवाई का दावा भी किया है। ऐसे में सादे पर्ची से धन उगाही कर रहे कर्मियों में खलबली मची हुई है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को खबर के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था।
बीते दस अक्तूबर को पेज नंबर चार पर सादी पर्ची का काला कारनामा, निजी मेडिकल स्टोर से ही दवा लेकर है आना शीर्षक के साथ खबर अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने आनन- फानन में इमरजेंसी प्रभारी डा. प्रभात कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच का निर्देश दे दिया। साथ ही चेताया कि इस कृत्य में जो भी स्वास्थ्य कर्मी लिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीसीटीवी से निगरानी की भी तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे ऐसे कर्मी जो सादे पर्ची पर दवा लिखकर बाहर के निजी मेडिकल स्टोरों से दवा मंगाने के साथ कमीशन से जेब भर रहे हैं, उन्हें रंगेहाथों पकड़ा जा सके। इस संबंध में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी इमरजेसी प्रभारी डा. प्रभात को दी गई है। शुरूआती दिनों में भी सादी पर्ची लिखकर बाहर की दवा मंगाई जाती थी, जिस पर कई लोगों को मेडिकल कालेज के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ऐसे में रिपोर्ट आने पर जो भी दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।