संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले के नगर पालिका व नगर पंचायत और ग्रामीण इलाकों के इंटरलाॅकिंग व फुटपाथ जगह- जगह धंस गए हैं। स्थिति यह है कि ईंटें खिसक गई हैं। इससे फुटपाथ बदहाल हो गया है। राहगीरों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
इंटरलाॅकिंग धंसने से पानी भर जाता है। राहगीरों एवं आमजनों के लिए यह धंसे इंटरलॉकिंग हादसे का कारण बने हुए हैं। कहीं छह माह तो कहीं एक वर्ष से बनी हुई है, जिससे प्रतिदिन करीब एक लाख से अधिक राहगीर, मोहल्लेवासी और ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं, बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर के महुआबाग, अफीम फैक्ट्री तिराहा, कचहरी जाने वाले मार्ग, शास्त्रीनगर, प्रधान डाकघर व गोराबाजार में स्थिति यह है कि प्रमुख मार्गों के किनारे लगे इंटरलॉकिंग धंस गए हैं। इसमें आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
सकलेनाबाद के दूधनाथ नगर कॉलोनी में करीब 50 से अधिक मकान हैं, इसमें रहने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहीं स्थिति अन्य शहर की अन्य कॉलोनियों की भी बनी हुई है।
शहर की करीब 12 कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनकी इंटरलॉकिंग जगह- जगह से धंसी और टूटी हुई है। दुल्लह के हरदासपुर खुर्द और रेवरिया गांव की स्थिति भी जस की तस बनी हुई है।
ऐसे में इस गांव की प्रतिदिन सैकड़ों लोग प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, बहादुरगंज के वार्ड नंबर दो डोमडेरवा, वार्ड नंबर आठ बस स्टैंड व वार्ड नंबर चार पुरानीगंज की भी स्थिति काफी खराब है। जगह- जगह इंटरलाकिंग धंसने के साथ उखड़ी हुई है। ऐसे में प्रतिदिन करीब 500 से 600 लोगों प्रभावित हो रहे हैं, बावजूद जिम्मेदारों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।