गाजीपुर। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव, सामान्य सदस्य रणविजय मिश्र और महिला सदस्य दीपा रानी ने शुक्रवार को आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरूद्ध परिवादी दायर परिवाद को स्वीकार कर लिया। साथ ही दो माह के अंदर परिवादी को बीमा की संपूर्ण धनराशि 30 लाख रुपये, चिकित्सा व्यय पर खर्च धनराशि का भुगतान सात प्रतिशत ब्याज के दर से करने का आदेश दिया।
साथ ही परिवादी के मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 हजार और परिवाद पर व्यय के लिए 10 हजार रुपये भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि है कि अगर समय सीमा में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो परिवादी इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा।
शहर के गोराबाजार निवासी देवेंद्र यादव ने बीते 31 जनवरी 2023 को जिला उपभोक्ता फाेरम में परिवाद दाखिल कर बताया कि बीमा कंपनी से पॉलिसी लिया गया था। इसका प्रिमियम 8304 रुपये जमा किया गया था।
उक्त पॉलिसी के तहत इनका 30 लाख रुपये का बीमा स्वीकृत हुआ। वह अपने बड़े भाई के बाइक से उनके साथ जा रहे थे अचानक बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इससे परिवादी के पैर में गंभीर चोट आने पर उपचार बीएचयू ट्रामा सेंटर में कराया गया। इसमें 250000 रुपये खर्च हुआ। घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी गई, जिससे क्लेम नंबर आवंटित हुई। इसके बाद बीमा कंपनी द्वारा क्लेम के भुगतान का निस्तारण नहीं किया गया। उक्त गंभीर चोट एवं संक्रमण के कारण पैर काटना पड़ा, जिससे 85 प्रतिशत विकलांगता की श्रेणी में आ गया। परिवादी ने न्यायालय को बताया कि बीमा कंपनी द्वारा मांगे गए सारे मूल प्रपत्र कोरियर के माध्यम से 24 मार्च 2021 को भेज दिया गया। इसके बाद सर्वेयर 24 सितंबर 2021को देखने आए, बावजूद बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया।