परिजन भी रोते-बिलखते अस्पताल पहुंच गए। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक परिजनों का कहना है कि पेशी के दाैरान सुनील ठीक था। अपने माता-पिता से 10 मिनट तक बाद भी किया था। अचानक यह सब कैसे हो गया, इसकी जानकारी हमें नहीं दी गई।
जिला कारागार अधीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने बताया कि बंदी सुनील राजभर को दो दिन पूर्व चक्कर आने की शिकायत थी। उसका उपचार कराया गया था, जिसके बाद वह ठीक हो गया। सुबह करीब 9.45 बजे उसे सास लेने की दिक्कत महसूस होने पर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बंदी की तबीयत बिगड़ने से मौत हुई है। घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है। साथ ही विधिक कार्रवाई की जा रही है। रिश्तेदार और गांव के लोग शोक जताने के लिए मृतक के घर पहुंच रहे थे।