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मुश्किल दिनों की 'मुश्किल' हल करेगा इंसीनरेटर

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विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करने के बाद छात्राओं को उसको नष्ट करने की झंझट अब नहीं सताएगी। इसके लिए जिले के कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में इंसीनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे इन विद्यालयों में पढ़ने वाली जिले की करीब चालीस हजार छात्राओं को सुविधा का लाभ मिलेगा।
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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उनके उत्थान के लिए सरकार की तरफ से तमाम जतन किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा-छह, सात एवं आठ की छात्राओं को उन खास दिनों में स्कूल जाने में दिक्कत न हो इसके लिए सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की योजना है। विद्यालयों में नैपकिन तो मिलते हैं लेकिन उसे नष्ट करने की समस्या सामने आती है। इसको कहीं भी फेंक देने से जहां गंदगी फैल रही है, वहीं पर्यावरण एवं सामुदायिक स्वास्थ्य के लिहाज से यह चिंताजनक है। उनकी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब विद्यालयों में इंसीनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। इंसीनरेटर से नैपकिन का इस्तेमाल कर वह इसे आसानी से नष्ट कर सकेंगी। स्वच्छ भारत मिशन फेज-दो, पंद्रहवें वित्तीय आयोग के सहयोग से जिले में संचालित 352 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 449 कंपोजिट के साथ ही 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में इंसीनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। इस सुविधा का लाभ इन विद्यालयों में पढ़ने वाली करीब 40 हजार छात्राओं को मिलेगा। उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में कक्षा-छह में 14680, सात में 12126 तथा कक्षा-आठ में 10913 छात्राएं पढ़ती हैं। इसके अलावा 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 16 सौ सहित कुल 39319 छात्राएं अध्ययनरत हैं।
जिले के विद्यालयों में पंचायतराज विभाग के सहयोग से इंसीनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। इससे न सिर्फ छात्राओं की स्वच्छता बनी रहेगी वहीं पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा- हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी
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नैपकिन उपलब्ध कराने को लिखा पत्र
किशोरी सुरक्षा योजना के तहत विभाग को नैपकिन उपलब्ध कराया जाता है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अमित राय ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा-छह, सात एवं आठ की छात्राओं को उन खास दिनों में स्कूल जाने में दिक्कत न हो इसके लिए सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को कुछ माह पहले पत्र लिखा गया है। हालांकि अभी यह उपलब्ध नहीं हुआ है।
जिले में दम तोड़ रही योजना
भीमापार। योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। सादात विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय अताउल्लाहपुर के अध्यापक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संजय कश्यप ने बताया कि पिछले सत्र-2021 में केवल एक बार प्रति छात्रा डेढ़ पैकेट के हिसाब से सैनिटरी पैड मिला था। यही हाल उच्च प्राथमिक विद्यालय बिजरवां, कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुर, कंपोजिट विद्यालय बरहपार नसरतपुर, कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय भीमापार, उच्च प्राथमिक विद्यालय सादात का भी है। वहां के प्रधानाध्यापकों ने बताया कि अब तक केवल एक बार वर्ष 2021 में कक्षा-छह, सात एवं आठ की छात्राओं के लिए डेढ़ पैकेट के हिसाब से ब्लॉक संसाधन केंद्र सादात से उपलब्ध कराया गया था। इसके बाद आज तक उपलब्ध नहीं हो सका। खंड शिक्षा अधिकारी सादात-जखनियां निलेंद्र चौधरी ने बताया कि छात्राओं की यह योजना स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित की जाती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ब्लॉक संसाधन केंद्र के माध्यम से हर विद्यालय को वितरित किया जाता है। मरदह शिक्षा क्षेत्र के 42 उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्यनरत 1466 एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 100 छात्राओं को सैनिटरी पैड न मिलने से उनको कठिनाई हो रही है। इस सबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश दूबे ने बताया कि छात्राओं की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। उसके हिसाब से उनसे जल्द उपलब्ध कराने को कहा जाएगा।
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