गाजीपुर। जनपद से माफिया राज को समाप्त करने के लिए इन दिनों जिला व पुलिस प्रशासन की टीम हरकत में है। अपराधियों की कुंडली खोलने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन इनाम घोषित शातिर कई बदमाश लंबे समय से फरार चल रहे हैं, जो जनपद पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं।
कई संगीन अपराधों को अंजाम देने वाला कुख्यात शातिर अपराधी और एक लाख का इनामिया शिवा बिंद लंबे समय से फरार है। अबतक जिले की पुलिस टीम ऐसे अपराधी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो सकी है। इसके ऊपर लंबे समय से इनाम घोषित है। इसने वर्ष 2010 में वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के एक सराफ व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2013 में नंदगंज थाने के रहने वाले एक सराफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने के बाद उसकी बाइक और लाखों रुपये के जेवरात लूट लिए थे। वर्ष 2015 में अपने साथियों के साथ मिलकर नंदगंज क्षेत्र में ही एक अन्य सराफ व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने के बाद लूट की घटना को अंजाम दिया था। वर्ष 2016 में नगर में हुई हत्या व लूटकांड में भी उसका नाम प्रकाश में आया था। यही नहीं उसने तीन वर्ष पूर्व डाक्टरों से रंगदारी भी मांगी थी। इसके अलावा तीन वर्ष आरएसएस कार्यकर्ता व पत्रकार राजेश मिश्र हत्याकांड का आरोपित बलवंत राम भी पकड़ से दूर है। हालांकि इस वारदात को अंजाम देने में शामिल राजू यादव जिला कारागार में बंद है, जबकि राजेश दूबे उर्फ टून्ना को वाराणसी के सारनाथ में एसटीफ की टीम ने करीब छह माह पूर्व मार गिराया था। हालांकि जनपद की पुलिस टीम धर-पकड़ के लिए अभियान चला रही है, लेकिन अभी भी ऐसे कुख्यात अपराधी इनकी पकड़ से दूर है।