गाजीपुर/मरदह। सपा नेतृत्व की ओर से गठित सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मरदह का दौरा किया। वहां पीड़ित परिवारों से मिलकर घटना का विवरण जाना। पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस तरह की हरकत अंग्रेजी हुकूमत में होती थी। पुलिस ने यहां महिलाओं को भी नहीं छोड़ा और उनको बेरहमी से पीटा गया है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए पुलिस मृतकों और पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर अपनी पीठ थपथपा रही है। ऐसे मामले में पुलिसकर्मियों का तबादला नहीं, सस्पेंड किया जाना चाहिए।
कहा कि पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई निदंनीय है। गांवों में दबिश के दौरान जो बर्बरता और फिर बेगुनाहों के नाम से संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का काम अंग्रेजी राज की निशानी है। वहीं सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मंत्री समेत विधायक डा. वीरेंद्र यादव, पूर्व विधायक कालीचरण राजभर, जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, पूर्व प्रमुख विजय यादव, महेंद्र चौहान, विधानसभा अध्यक्ष जयहिंद यादव, चंद्रशेखर यादव और डा. सांनद सिंह ने मरदह घटना के पीड़ितों से विवरण सुनकर जेल में बंद लोगों की तुरंत जमानत कराने सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करवाने का भरोसा दिया।
सपा की कमेटी के सदस्यों ने कहा कि पुलिस ने लोगों का दरवाजा तोड़कर लोगों को बर्बरतापूर्वक पीटने और महिलाओं को अपमानित करने का काम किया है। पुलिस की निर्मम पिटाई से महिलाओं के शरीर का कोई अंग नहीं बचा है। जहां चोट का निशान न हो, महिलाओं के शरीर पर ऐसी जगहों पर भी चोट है जिसे देखना और दिखाना संभव नहीं था। पुलिस द्वारा दरवाजे, खिड़की और उनके छप्पर गिरा दिए गए है।
प्रतिनिधिमंडल की मानें तो घटना का भौतिक सत्यापन कर पीड़ित परिजनों की बात सुनने के बाद इस घटना की पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार रही है। घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर लाइन हाजिर करने और पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की भी मांग किया। इसके साथ साथ जेल में बंद 31 लोगों कोतत्काल रिहा करने की भी मांग की गई। कमेटी की ओर से कहा गया कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी धरना प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन को घेरने का काम करेगी।