गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की सोमवार को हुई बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने चेतावनी दी कि अगर निगम के निजीकरण का प्रस्ताव वापस न लिया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर एवं अभियंता प्रांत व्यापी आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन ने निर्णय लिया है कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण की नीति के विरोध में 18 अगस्त को देश के 15 लाख कर्मचारी देश भर में विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी की मुख्य मांग इलेक्ट्रीसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2020 वापस लेना, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेना, केंद्र शासित प्रदेशों एवं उड़ीसा के बिजली निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करना और कोल इंडिया के कामगारों के निजीकरण के विरोध में हो रही हड़ताल का समर्थन है। बैठक में सह संयोजक आशीष चौहान, महेंद्र मिश्रा, मनीष कुमार, आदित्य पांडेय, चंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता शिवम राय, मिठाई लाल, अभिषेक राय, अमित कुमार, संजीव भास्कर, मनोज कुमार पटेल, संतोष चौधरी आदि उपस्थित थे।