कोतवाली क्षेत्र के तुलसी सागर निवासी पीयूष तिवारी ने पुलिस अधीक्षक डा. उमेशचंद्र श्रीवास्तव को रविवार को प्रार्थना पत्र सौंपा। जिसमें आरोप लगाया है कि एक पेट्रोल पम्प संचालक द्वारा सीसी कैमरा लगाने का बकाया पैसा न दिए जाने और चोरी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने से ही उसके भाई ने विषाक्त पदार्थं खाकर आत्महत्या कर ली।
पीयूष ने कहा है कि दिसंबर माह में मरदह थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर उसके भाई गौरव तिवारी ने 6 सीसी कैमरा, डीबीआर मानीटर एवं वायर बीएनसी कनेक्शन, डीसी कनेक्शन तथा स्टैंड ग्लास लगाया था,
जिसकी कीमत 60 हजार रुपये हुई थी। सीसी कैमरा लगवाने वाले ने पैसा बकाया लगा दिया। बार-बार पैसा मांगने पर जब पैसा नहीं दिया गया तो उसके भाई ने बकाएदार से अपने उपकरण निकाल लेने की बात कही।
इस पर बकाएदार ने दिसंबर के अंत में भुगतान की बात कही। 15 फरवरी को प्रार्थी के दोनों भाई गौरव तिवारी और सौरभ तिवारी तथा चाचा प्रेमप्रकाश तिवारी तुलसी सागर स्थित अपनी इलेक्ट्रानिक की दूकान में बैठे थे।
इसी दौरान बकाएदार तीन लोगों के साथ वहां पहुंचा और गौरव से कहा कि पैसे लेने के लिए तुम मेरे खिलाफ पुलिस में प्रार्थना पत्र देने की धमकी दे रहे थे, मैंने तुम्हारे विरुद्ध चोरी का मुकदमा दर्ज कर दिया है।
अब मैं तुम्हें पैसा नहीं दूंगा। इसे लेकर गौरव परेशान रहने लगा और उसने 19 फरवरी को विषाक्त पदार्थ खा लिया। उपचार के बाद भी 20 फरवरी को अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक ने मामले जांच-पड़ताल कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का पीड़ित को भरोसा दिलाया।