रेवतीपुर थाना क्षेत्र के रामपुर उर्फ साधोपुर गांव में रविवार को पत्नी के निधन की जानकारी मिलते ही जमीन पर गिरे पति ने भी दम तोड़ दिया। गांव के सामने गंगा घाट पर पति- पत्नी का परिजनों ने एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई।
गाजीपुर में बुजुर्ग दंपती की मृत्यु काफी चर्चा में है। रामपुर उर्फ साधोपुर गांव निवासी लेखपाल पद से सेवनिवृत्त कामेश्वर उपाध्याय (87) और उनकी पत्नी चंपा उपाध्याय (85) पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। पति- पत्नी का वाराणसी में ही उपचार चल रहा था। तबीयत ठीक होने पर कामेश्वर उपाध्याय घर चले आए थे। जबकि पत्नी चंपा उपाध्याय का उपचार के दौरान बीते नौ नवंबर की रात वाराणसी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। दूसरे दिन घर पर सूचना मिलने के एक घंटे बाद पति कामेश्वर उपाध्याय ने भी दम तोड़ दिया।
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मृतक दंपती के पुत्र सीआरपीएफ जवान मृत्युंजय कुमार ने बताया कि माता- पिता की तबीयत खराब थी। वाराणसी में इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले पिता कामेश्वर उपाध्याय को घर लाया गया, जबकि मां चंपा उपाध्याय वहीं अस्पताल में भर्ती थीं। बीते नौ नवंबर को मां का निधन हो गया। यह बात पिता को नहीं बताई गई। दूसरे दिन 10 नवंबर की सुबह जैसे ही मां के निधन होने की खबर पिता को दी, वैसे ही वे जमीन पर गिर पड़े और उनकी भी मौत हो गई। मां का शव वाराणसी से लाया गया। दोनों लोगों की एक साथ अर्थी सजाई गई। माता-पिता की अर्थी एक साथ घर से निकाली। इसके बाद गांव के सामने गंगा तट किनारे दोनों लोगों का दाह संस्कार एक ही चिता पर किया गया है।