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Ghazipur News: कैंसर की दवा कितना कर रही काम, बताएगा ब्लड ट्यूमर मार्कर

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गाजीपुर। कैंसर की दवा मरीजों में कितना काम कर रही है, इसकी जानकारी के लिए अब वाराणसी व गैर जनपदों तक भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। वजह जनवरी तक इसकी जांच महर्षि मेडिकल काॅलेज अस्पताल में शुरू हो जाएगी। यहीं नहीं इकोकार्डियोग्राम मशीन (ईको) भी स्थापित होगी, जिससे हृदय रोग के मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इन दोनों जांच को संचालित करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है।
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी 2500 से तीन हजार तक पहुंच गई है। रोज करीब 400 लोगों की विभिन्न बीमारियों के खून की जांच हो रही है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की सहूलियत के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। कैंसर के प्रथम जांच एफएनएसी (फ़ाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) होती है। ऐसे में जिन कैंसर पीड़ित मरीजों का उपचार चल रहा है, उन पर दवा का कितना असर हो रहा है, इसकी जांच के लिए लखनऊ, वाराणसी सहित अन्य जनपदों में जाना पड़ता था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ब्लड ट्यूमर मार्कर की जांच शुरू होने से मरीज आराम से घर बैठे ही रिपोर्ट चिकित्सक को भेजकर उनका परामर्श ले सकेगा। यहीं नहीं हृदय रोग के मरीजों के लिए भी ईको जांच की सुविधा शुरू होने से काफी सहूलियत होगी।
तीन वर्ष में 3000 ने कराई एफएनएसी जांच : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन वर्ष में करीब 3000 लोगों ने कैंसर की प्राथमिक एफएनएसी जांच कराई है। इसमें से मुश्किल से 150 से 200 मरीजों में लक्षण मिले, जिन्हें समय से जानकारी होने पर उनका उपचार शुरू हो गया। यहीं नहीं रोज 50 से 60 हृदय संबंधित मरीज पहुंचते हैं, यहां सिर्फ ईसीजी होती है। ईको मशीन से जांच शुरू होने से मरीजों का बेहतर उपचार शुरू हो जाएगा।
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ब्लड ट्यूमर मार्कर की जांच जनवरी तक शुरू हो जाएगी। इससे कैंसर मरीजों को दवा कितना काम कर रही है, इसकी जानकारी मिल जाएगी। ईको मशीन से भी अस्पताल लैस होगी, जिससे हृदय रोग संबंधित मरीजों को काफी सहूलियत होगी।- प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर।
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