गाजीपुर। जिले में सिर्फ एक चालक के भरोसे फायर स्टेशन का संचालन हो रहा है। ऐसे में दमकल की गाड़ियां पहुंचते-पहुंचते सब कुछ जलकर नष्ट हो जाता है। यही नहीं कई माह से मुख्य अग्निशमन एवं एक अग्निशमन अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। जबकि सदर, जखनिया, सैदपुर, कासिमाबाद एवं सेवराई तहसील का जिम्मा मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन का है। ऐसे में अगर इन जगहों पर एक साथ आग लगने की घटना हो तो दमकल कर्मी कैसे पहुंचेंगे।
जिला मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन पर चार फायर टेंडर एवं तीन वाटर मिस्ट हैं। कुल सात वाहनों को चलाने के लिए चालकों के चार पद सृजित हैं, इसमें सिर्फ एक ही चालक की तैनाती है। ऐसे में चालक के छुट्टी पर जाने के बाद तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। विभाग के अधिकारियों की ओर से कई बार शासन को पत्र लिखकर चालकों की तैनाती की मांग की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी का पांच माह एवं एक अग्निशमन अधिकारी का चार वर्षों से पद रिक्त चल रहा है। जबकि 21 फायरमैन तैनात हैं। एसआई के दो सृजित पदों में एक पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। सबसे अधिक दिक्कत चालकों के खाली पद को लेकर हो रही है। सूचना मिलने के बावजूद चालक की अनुपलब्धता के कारण वाहन घटना स्थल पर समय से नहीं पहुंच पाते हैं और आग के कारण सब कुछ जलकर नष्ट हो जाता है।
जनवरी से अब तक 13 आग लगने की घटना
गाजीपुर। जिले में जनवरी माह से अब तक 13 आग लगने की घटना हो चुकी है। चालकों की पर्याप्त तैनाती न होने के कारण समय से दमकल कर्मी नहीं पहुंच सके। ऐसे में तत्काल फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंचने से सब कुछ जलकर नष्ट हो जाता है।
चालकों की कमी के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की ओर से पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक तैनाती नहीं हो सकी है। -अनिरुद्ध कुमार, अग्निशमन अधिकारी द्वितीय