मनोज कुमार ने कहा कि हमारी तीन पीढ़ियां घर बनाकर रहतीं थी। उसी घर में मेरा जन्म भी हुआ। यह जमीन किसकी थी यह तो नहीं पता, लेकिन अब सरकार हमारे रहने की व्यवस्था करें। रोते हुए सोनम ने कहा हम तो इस गांव की बहू हैं। मेरा भी घर ढहा दिया गया। अब कहां जाऊं। दूसरी ओर मीना देवी ने कहा कि 4-5 साल पहले किसी तरह प्रधानमंत्री आवास मिला था। परिवार बहुत खुश था। गरीबी से हम जंग लड़ रहे थे, लेकिन उसे भी तोड़ दिया गया। अब सरकार हमें रहने की जमीन ही कहीं दे दें बस हम जी लेंगे।
शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि 60-70 साल से हमलोग रह रहे हैं। गरीबी में किसी तरह से जी खा रहे थे, बेटी की शादी करने और बच्चों कोे पढ़ाने की चिंता सता रही थी, लेकिन अब सेना बिना नोटिस के ढहाना शुरू दिया। अब तो रात में नींद आती है। लंबे समय से बिराईच के प्रधान रहे महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि मकान, खेत, स्कूल, पंचायत भवन, इंदिरा आवास और पीएम आवास भी अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं, जिसे अब ढहाया जा रहा है। गांव के लोग बेघर हो गए हैं।
जनपद में रक्षा संपदा की कुल 509.22 एकड़ भूमि है। यह भूमि सदर और मुहम्मदाबाद के 44-45 गांवों में है। रक्षा संपदा की मुहम्मदाबाद नहसील के शाहबाजकुली एयर फील्ड में 235.47 एकड़ जमीन है। यह भूमि बेनसागर, शाहबाजकुली, हुसैनपुर, चकमीर, हरवल्मपुर, अकावलपुर, निमराजपुर, गौसपुर, दिलावलपुर, शाहपुर, नोवरदेव, सरायबहादुर, फरोजपुर कला, चकमसूद मुन्डेरा, सूलपुर, अकबरपुर, कठौत, कल्यानपुर, अहमद पति, धर्मपुरा, कविरन, बिशेसपुर, चकअबूलवाल है। वहीं रजदेपुर देहाती इलाके में एयर फील्ड के लिए करीब 272.25 एकड़ की भूमि है, जो अंधऊ, बीकापुर बिराईच, बकुलीपुर, चंदावह, मिठ्ठापारा, कपूरपुर, फतेहपुर सिकंदर, रजदेवपुर, खिजाबाद, चौकी, जेवधर, चकदराव, चकहुसैन, माधोपुर मिश्रौलिया, मिश्रौलिया, देवकटिया, खैरल्लापुर में है। जहां सामान्य लोगों के अलावा पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग ने भी जमीन पर कब्जा जमाया है। यहां रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर बिलाईच में तो प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और कई पीएम आवास भी बने हुए हैं, जो प्रशासनिक महकमें को भी सवालों के घेरे में डाल दिए हैं।
सदन में मुद्दे को उठाने की तैयारी में सपा
समाजवादी पार्टी इसे लेकर मुद्दा बनाए हुए है। पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पोस्ट कर सरकार को घेरा तो अगले दिन विधायक डा. जंगीपुर वीरेंद्र यादव और पार्टी के नेता गांव में पहुंचे। 30 जून को डीएम से मिले। फिर सपा के गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी भी गांव में बेघर हुए लोगों के आंसू पोछने के लिए पहुंचे और चौपाल भी लगाए। यहां उन्होंने कहा कि वह कोर्ट से लेकर सदन तक इस मामले को उठाएंगे।
बिराईच गांव में प्राथमिक विद्यालय है, जो 1995 में बनाया गया था। प्रधानाध्यपक लक्ष्मी कुशवाहा ने बताया कि विद्यालय गिराने को कहा गया है, लेकिन अभी तक उन्हें लिखित में कुछ नहीं मिला है। हालांकि उन्होंने 26 मई को उच्चाधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया है और बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में भी इसे रखा जाएगा, क्योंकि अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर हमारे 107 बच्चे और सात अध्यापक अध्यापिका कहां जाएंगे, जिनमें तीन शिक्षा मित्र शामिल हैं।
जांच कराकर संबंधित की तय होगी जिम्मेदारीः डीएम
गाजीपुर। मीडिया से बातचीत में डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि जो भी कार्यवाही अब तक की गई है वह रक्षा संपदा विभाग द्वारा कराई गई है। अगर कोई पात्र व्यक्ति होगा तो उसे सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। पूर्व में यदि रक्षा संपदा विभाग की जमीन पर कोई सरकारी निर्माण कराया गया था, तो उसकी जांच कराकर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।