जिले की नई घोषित कासिमाबाद तहसील होली त्योहार बाद मूर्त रूप ले लेगा। होली बाद मुकदमों की सुनवाई का काम शुरू हो जाएगा। पहली मार्च को राजस्व परिषद का निर्देश आने के बाद इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। मुहम्मदाबाद तहसील में अब तक शामिल कासिमाबाद के गांवों के मुकदमे कासिमाबाद तहसील के पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। राजस्व परिषद ने नई कासिमाबाद तहसील का कोड भी निर्धारित कर दिया है।
तहसील अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती का कार्य भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि अभी तहसील का भवन बन नहीं पाया है लेकिन नए भवन का निर्माण होने तक तहसील का कार्य पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में चलेगा।
जहूराबाद की विधायक व महिला कल्याण राज्य मंत्री शादाब फातिमा के प्रयास से जिले की छठवीं तहसील के रूप मे सृजित कासिमाबाद तहसील का शिलान्यास 12 मई को राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने किया था। उन्होंने तहसील का कार्य जल्द शुरू करने और नये भवन का निर्माण छह महीने के अंदर कराने की घोषणा की थी लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। न तो पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में तहसील का कार्य शुरू हुआ और न ही तहसील भवन का निर्माण का कार्य ही।
पहली मार्च को राजस्व परिषद ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर नई तहसील कासिमाबाद के पोर्टल पर वहां के मुकदमों को ट्रांसफर कर सुनवाई शुरू कर देने का निर्देश दिया है। इसके बाद पोर्टल पर कासिमाबाद तहसील में शामिल किए गए गांवों के मुकदमों को मुहम्मदाबाद तहसील के पोर्टल से हटाकर कासिमाबाद के पोर्टल पर डाल दिया गया है। कासिमाबाद तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती अभी नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। कासिमाबाद तहसील में मुहम्मदाबाद तहसील के 427 ग्राम व सदर तहसील का 71 ग्राम लेते हुए कुल 498 गांव शामिल किए गए हैं। नई कासिमाबाद तहसील को कुल 76 लेखपाल, 29 क्षेत्रीय अमीन, तीन राजस्व निरीक्षक और 3 नायब तहसीलदार की सर्किल बनाई गई है। जब कासिमाबाद तहसील का शिलान्यास हुआ तो उस समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और ब्लाक कालोनी का रंगरोगन कर इसी में तहसील चलाने का निर्णय लिया गया था। स्वास्थ्य केंद्र भवन पर कासिमाबाद तहसील लिखा गया है। समय से तहसील शुरू न होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र परिसर में घासफूस उग आए हैं।
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नई तहसील कासिमाबाद में होली के बाद से मुकदमों की सुनवाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। कासिमाबाद के पोर्टल पर मुकदमें ट्रांसफर हुए हैं। जल्द ही नई तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी तय कर दी जाएगी।-डॉ. अशोक चंद्र
कासिमाबाद तहसील में काम चालू किया जाना चाहिए। इससे यहां के लोगों को काफी राहत होगी और उन्हें मुकदमों की सुनवाई के लिए मुहम्मदाबाद नहीं जाना पड़ेगा। राजनीतिक गुटबाजी के चलते अभी तक नई तहसील में काम शुरू नहीं हो पाया। -विनोद यादव, जलालपुर
कई माह से नई तहसल में काम शुरू होने की बात सुन रहे हैं लेकिन अभी यहां मुकदमों की सुनवाई शुरू नहीं हो पाई। जनप्रतिनिधियों को इसपर गंभीर होना चाहिए। तहसील में काम शुरू होने से यहां के लोगों को काफी सुविधा होगी। क्षेत्र का विकास भी होगा।-जावेद अहमद, सोनबरसा
कासिमाबाद तबसील में अबतक चाहे जिस कारण से कामकाज शुरू न हो पाया हो लेकिन यहां मुकदमों की सुनवाई शुरू होने की लोग बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। यहां तहसील में काम शुरू होने पर लोगों को मुहम्मदाबाद नहीं जाना पड़ेगा।-मनोज कुमार सिंह एडवोकेट
कासिमाबाद में तहसील का काम शुरू होने से यहां का विकास होगा। तहसील के आसपास लोगों को रोजगार मिलेगी जिससे क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। शासन को जल्द ही तहसील में काम शुरू करा देना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।- भगवती देवी, पूर्व प्रधान सुकहां
मुहम्मदाबाद के 427, सदर के 71 गांव होंगे शामिल
नवगठित कासिमाबाद तहसील में कुल 498 गॉव शामिल किए गए हैं। इसमें 427 गॉव मुहम्मदाबाद तहसील और 71 गॉव सदर तहसील से लिए गए हैं। मुहम्मदाबाद तहसील के नजदीक के 50 गॉवों के लोग कासिमाबाद तहसील में शामिल होने का विरोध कर रहे हैं। 13 अगस्त 2015 को मुहम्मदाबाद तहसील पर पूर्व ब्लाक प्रमुख चन्दा यादव के नेतृत्व में नाराज गॉव के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। मुहम्मदाबाद विकास खण्ड के राजापुर, बैरान सहित 26 गॉव और बाराचवर विकास खण्ड के कटरिया, रामपुर, गोसाईपुर, इन्दरपुर, दिलशादपुर, कन्धौरा आदि 24 गॉवों को मुहम्मदाबाद तहसील में रखे जाने के लिए प्रशासन ने राजस्व परिषद को रिपोर्ट भेजी थी।
अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। 15 मार्च को हुए तहसील पर सर्वदीय धरना प्रदर्शन में इन गॉवो को मुहम्मदाबाद तहसील में ही रखे जाने की मॉग उठाई गई थी। राजस्व न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता काशीनाथ यादव, राजबली सिंह यादव, मंगला सिंह यादव, दिनेशचन्द्र श्रीवास्तव, सुभाषचन्द्र तिवारी आदि अधिवक्ताओं ने कहा कि कासिमाबाद तहसील में कामकाज शुरू होने तक वहां के गावों के मुकदमों की सुनवाई मुहम्मदाबाद में ही चलनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो।