मौधिया में बृहस्पतिवार को हिंदी भाषा में लोक साहित्य का महत्व विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राजनाथ सिंह ने कहा कि लोक भाषा एवं बोली के माध्यम से आम जनता अपने विचारों का आदान-प्रदान करती है।
बोली के माध्यम से ही हम अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाते हैं और दूसरों की बातों को समझते हैं। डॉ. अशोक राय ने कहा कि लोकभाषा से ही हिंदी भाषा सशक्त हुई है। उदयप्रताप सिंह ने कहा कि लोकमत ही लोक भाषा है। कपिलदेव यादव ने कहा कि आंचलिक क्षेत्रों में बोलियोंं का विशेष महत्व है। गोष्ठी का संचालन डॉ. अशोक अज्ञान ने किया। संवाद