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Ghazipur News: सर्दी, खांसी व बुखार के इलाज तक सिमटा आरोग्य मेला

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगीपुर में बच्चें की जांच करती डॉ. सोफिया बानो। संवाद
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गाजीपुर। प्रत्येक सप्ताह के रविवार को प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेला सिर्फ सर्दी, खांसी व बुखार तक ही सीमित रह गया है। स्थिति यह है जांच की सुविधा नदारद है, ऐसे में मरीजों की सिर्फ परेशानी सुनकर व रक्तचाप नाप डॉक्टर दवा देकर इतिश्री कर ले रहे हैं। वहीं, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का आरोग्य मेले से मोहभंग हो गया है।
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जिले के 62 केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले में 2100 मरीजों ने उपचार कराया। इसमें अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी व बुखार से संबंधित थे, जबकि उच्च रक्तचाप व सांस की समस्या से पीड़ित मरीजों को सिर्फ दवा देकर कोरमपूर्ति कर ली गई। वजह यह कि सुविधा न होने से खून की जांच नहीं हो पा रही है। नोनहरा निवासी अभिषेक ने बताया कि बरतर में स्थित न्यू प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र पर जन आरोग्य मेले का आयोजन तो रविवार को हुआ, लेकिन यहां जांच की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। यहां तैनात एलटी को करीब छह माह पूर्व ही मुहम्मदाबाद सीएचसी से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि मुहम्मदाबाद सीएचसी पर पहले से ही एलटी की तैनाती है। बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरदरपुर निवासी सुरेश ने बताया कि कहने को गांव के पास चिकित्सकीय सुविधा के लिए जन आरोग्य मेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाया जाता है। हकीकत यह है कि सिर्फ किसी तरह सर्दी, खांसी व बुखार की दवा देकर इतिश्री कर ली जाती है। भांवरकोल निवासी दीपक ने कहा कि वीरपुर स्थित पीएचसी हो अथवा जनपद की अधिकांश पीएचसी, इनका होमियोपैथिक के चिकित्सक अथवा फार्मासिस्ट के सहारे संचालन किया जा रहा है। जन आरोग्य मेला अब सिर्फ कहने को रह गया है। गंभीर मरीजों की सिर्फ रक्तचाप व मधुमेह की जांच की जाती है, अन्य जांच व उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में आरोग्य मेले का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
जनआरोग्य मेले में 2100 मरीजों का उपचार किया गया है। जिन जगहों पर जांच की सुविधा नहीं है, वहां व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, जिससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को जांच व उपचार की सुविधा मिल सके। - डॉ. मनोज कुमार, प्रभारी सीएमओ।
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रविवार को आयोजित होने वाला जन आरोग्य मेला सिर्फ कहने को है, स्थिति यह है कि सर्दी, खांसी व बुखार की दवा देकर उपचार पूरा कर लिया जा रहा है। - सुरेश यादव, सरदरपुर
कहने को गांव के पास चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, लेकिन स्थिति यह है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को हायर सेंटर ही जाना पड़ता है। सिर्फ कोरमपूर्ति की जाती है। - रामअवध राम, गोरानामजद लालापुर
ग्रामीण इलाकों की चिकित्सकीय व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शासन ने पहल तो की, लेकिन जिस मजबूती के साथ चिकित्सकीय सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिलती है। - वीरेंद्र गौतम, सराय मलिकराज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले की स्थिति तो यह है कि यहां जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को डॉक्टर बताई गइ परेशानी के आधार पर ही दवा देकर इतिश्री कर ले रहे हैं।- मुन्ना पांडेय, करहिया
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