जिले में धान खरीद की स्थिति संतोषजनक दिखाई दे रही है। बावजूद इसके दस क्रयकेन्द्रों की अभी तक बोहनी नहीं हो सकी है। तमाम निर्देशों के बाद भी संबंधित केन्द्रों पर छटांक भर भी धान की खरीद नहीं हो पाई है।
शासन की तरफ से जिले को इस बार धान खरीद का लक्ष्य 1 लाख 34 हजार 500 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था। इसके लिए 59 क्रय केन्द्र खोले गए।
इसमें विपणन के 16, पीसीएफ के 20, यूपीएसएस 1, कर्मचारी कल्याण निगम 3, एनसीसीएफ एवं नेकाफ 4-4, एफसीआई और पंजीकृत सहकारी समिति 1-1 तथा प्राइवेट प्लेयर्स के 9 केंद्र शामिल हैँ।
इसके अलावा 41 आढ़तियों को भी खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। धान की खरीद के लिए इस बार पहली नवंबर से 29 फरवरी तक की अवधि और 1410 रुपये समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया। आवक देर से होने के कारण खरीद 25 नवंबर से शुरू हुई।
नवंबर के अंत में खरीद तो शुरू हो गई लेकिन कुछ संस्थाओं की तरफ से इसमें रुचि नहीं दिखाई गई। नतीजा रहा कि खरीद शुरू हुए तीन महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक दो संस्थाओं के दस क्रयकेन्द्रों पर छटांक भर भी धान की खरीद नहीं की जा सकी है।
खरीद समाप्त होने में तीन सप्ताह से कुछ अधिक का समय बाकी है और अब तक जिले में लक्ष्य के सापेक्ष कुल खरीद 105557.49 एमटी यानी 78.48 प्रतिशत की खरीद हो चुकी है। यह खरीद 9448 किसानों से की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार विपणन ने 30 हजार लक्ष्य के सापेेक्ष 88778.29 एमटी, पीसीएफ ने 20500 लक्ष्य की तुलना में 1428.31 एमटी, यूपीएसएस ने 3 हजार की तुलना में 1.70 एमटी धान की खरीद की।
इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम ने 3 हजार के सापेक्ष 1771.60 एमटी, एनसीसीएफ ने 7441.20, नेकाफ ने 4 हजार लक्ष्य की तुलना में 4476.70,
पंजीकृत सहकारी समिति ने 189.30, एफसीआई ने 6500 की तुलना में 776.84 तथा प्राइवेट प्लेयर्स ने 66500 एमटी के सापेक्ष 493.55 एमटी धान की
खरीद की।