गाजीपुर। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने एक बार फिर धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणी कर राजनीतिक और सामाजिक बहस को हवा दे दी है। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के कुत्तुपुर गांव में मंगलवार देरशाम को आयोजित कुशवाहा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में उन्होंने भगवान राम और हनुमान से जुड़े प्रसंगों पर सवाल उठाते हुए तर्क और विज्ञान आधारित सोच अपनाने की अपील की।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यदि भगवान में अलौकिक शक्ति होती तो चोरी करने वालों को तत्काल दंड मिल जाता। उन्होंने कहा कि मंदिर से करोड़ों रुपये मूल्य के सोना-चांदी की चोरी हुई, लेकिन आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ा। पूर्व मंत्री ने हनुमान जी द्वारा सूर्य को निगलने की पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया। कहा कि सूर्य जैसे विशाल पिंड को एक छोटे बंदर द्वारा निगल लिए जाने की बात वैज्ञानिक दृष्टि से संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से धार्मिक कथाओं और परंपराओं को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय तर्क और विज्ञान की कसौटी पर परखने का आग्रह किया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने गौतम बुद्ध के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी ग्रंथ में लिखी बात को केवल इसलिए सत्य नहीं मान लेना चाहिए कि वह उसमें दर्ज है। हर विचार और मान्यता का मूल्यांकन विवेक, बुद्धि और तार्किक चिंतन के आधार पर किया जाना चाहिए। बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य इससे पहले भी धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं।