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गुरु का वंदना कर मांगा आशीष

Tue, 19 Jul 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को गुरु के महात्म्य के पर्व गुरु पूर्णिमा की धूम रही। इस अवसर पर शिष्यों ने अपने गुरु का पूजन-अर्चन कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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शहर के गोड़ा देहाती स्थित गायत्री शक्तिपीठ, हंसयोग आश्रम, बयेपुर देवकली स्थित श्री गंगा आश्रम, बौड़हिया मठ, इंदल बाबा के साथ ही कई अन्य स्थानों पर गुरू पूर्णिमा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। जखनिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के सिद्धपीठ हथियाराम मठ में महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति ने अपने गुरु महामण्डलेश्वर बालकृष्ण यती के चित्र पर माल्यार्पण कर आरती उतारी। इसके बाद बड़ी संख्या में शिष्यों ने अपने गुरू महामंडलेश्वर महंथ भवानीनंदन यती जी महाराज की पूजा करके आरती उतारी। इस अवसर पर पीठेश्वर भवानीनंदन यति ने बताया कि अंधकार से उजाले में लाने का कार्य गुरु ही करते हैं। सिद्धपीठ परिसर मे बुधवार से 51 वैदिक विद्वानों के सानिध्य में कलश स्थापित कर चतुर्मास व्रत प्रारंभ किया जाएगा। इस अवसर  पर डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, राजन पांडेय, डॉ. उदयभान सिंह, हरिश्चंद्र  सिंह, मधुबाला सिंह, लौटू सहित क्षेत्र के अलावा बलिया, आजमगढ़, मऊ जिले के सैकड़ों की संख्या में शिष्य उपस्थित रहे।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार विभिन्न मठों एवं मंदिरों एवं गुरू के आश्रमों पर श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ जुटी रही। भक्तों ने अपने-अपने गुरुओं के आश्रमों पर जाकर पूजन-अर्चन कर उनका आर्शीवाद लिया। मठों पर पूरे दिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ एवं भंडारा में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मानपुर गुरू कृपाधाम में माधव ब्रह्म अनुयायी गुरूदेव भरत उपाध्याय के आश्रम पर भक्तों की भारी भीड़ रही। दिन भर लोगों ने गुरू से आर्शीवाद प्राप्त कर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसी प्रकार बाराचवर आदि स्थानों पर भी गुरू की पूजा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
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देवकली संवाददाता के अनुसार गंगा के तटवर्ती क्षेत्र आदि शक्ति मां दुर्गा मंदिर चकेरी धाम पर गुरु पूर्णिमा का पर्व धूम-धाम के साथ परम्परागत ढंग से  मनाया गया। इस अवसर पर कीर्तन, भजन, पूजन, हवन, गुरु आरती के बाद भंडारा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चकेरी धाम के महंत संत श्री त्रिवेणीदास जी महाराज ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है। सच्चा गुरु जीव को अंधकार से  प्रकाश की ओर ले जाता है। परमात्मा एवं जीव के वीच सेतु का काम करते हुए आपस  में मिलाने का काम करता है। इसीलिए भगवान से गुरु का स्थान. वेद पुराण सहित सभी धर्म ग्रन्थों में ऊंचा माना जाता है। कहा कि सच्चा गुरु ही परमात्मा से दीदार करा सकता है। कार्यक्रम में देवचंदपुर के  संत जयप्रकाश दास फलहारी, शिवराज यादव, विनोद यादव, धुरभारी, सियाराम, विजय  यादव, नंदलाल, संत रामप्रसाद त्यागी, नरेन्द्र मौर्य, कमलेश यादव,  राजाराम, मकसुदन आदि थे।
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