समाजवादी चिंतक डा. पीएन सिंह ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में पब्बर राम
का बड़ा योगदान रहा। वह जीवनभर नेता बनकर रहे, अनुयायी बनकर नहीं। वे पब्बर
राम स्मारक समिति के तत्वावधान में बचानी देवी पब्बर राम मेमोरियल ट्रस्ट
रौजा के सभागार में आयोजित नौवी पुण्यतिथि पर स्वाधीनता आंदोलन में पब्बर
राम योगदान विषयक विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने
कहा कि पब्बर राम पहले स्वतंत्रा सेनानी थे, जिन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी
है, जिसमें उनके संघर्षशील जीवन का जीवंत चित्रण है। अध्यक्षता कर रहे
पूर्व विधायक जयराम सिंह ने कहा कि वह महान क्रांतिकारी और किसानों के
जुझारू नेता थे। उन्होंने किसानों और कमजोर वर्गों की बड़ी-बड़ी लड़ाइयां
लड़ीं। कामता प्रसाद गुप्त ने कहा कि वह महान स्वतंत्रता सेनानी थी।
उन्होंने रौजा पर बन रहे ओवरब्रिज का नाम पब्बर राम के नाम पर रखे जाने की
मांग की। ब्लाक प्रमुख सुभाष गुप्त ने कहा कि वह सादा जीवन उच्च विचार के
महान जननेता थे। इस अवसर पर रामअवतार, कमलाशंकर यादव, रामबदन सिंह यादव,
प्रेमनाथ गुप्त, छकौड़ी गुप्ता, डा. गुरुराम विश्वकर्मा, रामअवतार शर्मा,
डा. बच्चन प्रसाद गुप्त, उमाशंकर पथिक, छंगुरी यादव, रामदास ने विचार
व्यक्त किया। संचालन कवि डा. गजाधर प्रसाद शर्मा गंगेश और आभार व्यक्त करते
हुए वरिष्ठ पत्रकार विजयशंकर ने कहा कि नगर के किसी प्रमुख स्थान पर पब्बर
राम की मूर्ति लगाना आवश्यक है।