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Ghazipur News: सीमित संसाधनों और छोटे मैदानों से निकले बड़े खिलाड़ी तो बदली दिशा

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खेल वाली खबर में.... सादात ब्लॉक के बघाव ​स्थित ग्रामीण स्टेडियम का हाल-संवाद
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गाजीपुर। जिले में खेलों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जिले में माध्यमिक एवं बेसिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए ब्लाक, जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का इन प्रतियोगिताओं में चयन भी होता है लेकिन कई विद्यालयों में खेल मैदान, उपकरण और प्रशिक्षकों की कमी के कारण खिलाड़ियों की प्रतिभा प्रभावित हो रही है। प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाड़ियों को बाहर ले जाने, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों की व्यवस्था करना भी चुनौती बना रहता है। यही कारण है कि कई बार आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह जाते हैं।
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सीमित संसाधनों, कच्चे ट्रैक और सामान्य मैदानों से निकलकर यहां के कई खिलाड़ियों ने हॉकी, कुश्ती, फुटबॉल, तीरंदाजी आदि खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया। शहर के गोराबाजार में करीब साढ़े तीन दशक पहले नेहरू स्टेडियम की स्थापना की गई थी। मैदान छोटा होने के कारण कई खेलों की प्रतियोगिता का आयोजन संभव नहीं हो रहा था। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन की ओर से शहर के पुलिस लाइन के पास आरटीआई मैदान में 6.310 हेक्टेयर जमीन पर नवीन स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। जनवरी 2018 के दूसरे पखवारे की शुरुआत में प्रदेश के तत्कालीन खेल मंत्री ने इसका शिलान्यास किया था। आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी यह अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है।
गांवों में कहीं मैदानों में उगी घास, तो कहीं जलभराव
ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के सपनों को पंख लगाने के लिए जिले के विभिन्न विकासखंड क्षेत्रों में ग्रामीण स्टेडियमों का निर्माण तो लाखों की लागत से कराया गया है लेकिन देखरेख के अभाव में कहीं घास-फूस तो कहीं जलभराव होने से युवा खेलों का अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान न होने से खिलाड़ी बागों और अन्य खाली स्थानों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं।
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एस्ट्रोटर्फ से लगेंगे सपनों को पंख
शहर के गोराबाजार स्थित नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों के लिए करीब 12 करोड़ से आधुनिक एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण किया जा रहा है। जिला भारतीय हॉकी को राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, अजीत यादव जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दे चुका है। अब तक मिट्टी के मैदान पर अभ्यास करने वाले स्थानीय युवाओं को इस सिंथेटिक टर्फ के मिल जाने से वैश्विक स्तर के मैदानों पर खेलने का अनुभव मिलेगा। एस्ट्रोटर्फ बनने के बाद जिले में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की बड़ी हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन आसानी से हो सकेगा।
बैडमिंटन हॉल का हो रहा नवीनीकरण
हॉकी टर्फ के अलावा स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल का नवीनीकरण और प्रशासनिक भवन का विकास कार्य भी तेजी से चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस हॉकी एस्ट्रोटर्फ के साथ-साथ स्टेडियम के कायाकल्प को लेकर कई अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।
स्टेडियम में संचालित हैं विभिन्न खेलों के कैंप
गाजीपुर। जिला खेल कार्यालय की ओर से स्थानीय स्टेडियम में विभिन्न खेलों के कैंपों का संचालन किया जा रहा है। इनमें हाकी, एथलेटिक्स, वालीबाल, खो-खो, कबड्डी, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, फुटबाल, कुश्ती शामिल हैं। इन खेलों में निर्धारित संख्या में खिलाड़ियों का दाखिला लेकर प्रशिक्षकों की तरफ से उनको सुबह और शाम को खेल की बारीकियां बताई जा रही है।

खेल वाली खबर में.... सादात ब्लॉक के बघाव स्थित ग्रामीण स्टेडियम का हाल-संवाद

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