ग्राम स्वराज से ही आजादी संभ्ाव है। वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण पंचायतराज व्यवस्था प्रभावहीन हो गई है। कांग्रेस इसका प्रतिकार करेगी। भाजपा सरकार को भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेना पड़ा है। यह जनता की आवाज का परिणाम है। ये बातें राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन (मंदसौर) ने बतौर मुख्य अतिथि बुधवार को संगठन की ओर से लंका स्थित मैरेज हाल में आयोजित सम्मेलन में कहीं।
पंचायतीराज जागरूकता दिवस सम्मेलन के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा राजीव गांधी के सपनों का भारत ग्राम स्वराज को स्थापित करने पर बल देने के साथ ही कार्यकर्ताओं में जोश भरा गया। नटराजन ने कहा कि यूपीए की सरकार में 7 हजार करोड़ रुपये पंचायत के लिए आवंटित हुआ था। जबकि वर्तमान सरकार ने उस बजट में कटौती कर मात्र 94 करोड़ आवंटित किया है। पंचायती राज व्यवस्था को निष्क्रिय करने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है।
संगठन के प्रदेश संयोजक जनक कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान सरकार पंचायत को कमजोर करना चाहती है। इसलिए जिला पंचायत और ग्राम पंचायत का चुनाव अलग-अलग करा रही है ताकि जिला पंचायत पर कब्जा कर सके। अध्यक्षता शहर कमेटी के अध्यक्ष शफीक अहमद ने की।
सम्मेलन में अजय सिंह, विनय जायसवाल, मिलिन्द्र सिंह, शमशाद खां, पंकज दुबे, दानिश सिद्दीकी, इन्द्रजीत गौड़, अखिलेश यादव, रामप्रसाद राय, परवेज खां, राजीव सिंह, चन्द्रिका सिंह के साथ ही अन्य लोग उपस्थित थे।